विदेश मंत्रालय ने कहा, हम अल शबाब के खिलाफ सोमाली बलों और सोमालिया में अफ्रीकी संघ मिशन (एएमआईएसओएम) द्वारा किए गए अभियानों के लिए अपने पूर्ण समर्थन को फिर से दोहराते हैं।अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में सोमालिया के साथ खड़े रहना चाहिए।
सोमालिया के मोगादिशु अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए आतंकी हमले की भारत ने शनिवार को कड़ी निंदा की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, अल शबाब द्वारा की जा रही आतंकवादी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है।
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मंत्रालय ने कहा, हम अल शबाब के खिलाफ सोमाली बलों और सोमालिया में अफ्रीकी संघ मिशन (एएमआईएसओएम) द्वारा किए गए अभियानों के लिए अपने पूर्ण समर्थन को फिर से दोहराते हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में सोमालिया के साथ खड़े रहना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि भारत एक स्थिर, सुरक्षित और शांतिपूर्ण भविष्य की सामूहिक इच्छा में सोमालिया और उसके लोगों के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा।
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वहीं, सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने शुक्रवार को मोगादिशु में अदन एडे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के क्षेत्र में और 23 मार्च को बेलेडवेयने, हिर्शबेल में हुए आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की थी। सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने पीड़ितों के परिवारों और सोमालिया सरकार के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति और संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की थी।
गौरतलब है कि 23 मार्च बुधवार को सोमालिया के मोगादिशु में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए बम धमाके में कम से कम सात लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए थे। इन हमलों की जिम्मेदारी अलकायदा से जुड़े अल शबाब ने ली थी।
इसके अलावा हाल में ही सोमालिया के एक मतदान केंद्र में हुए आत्मघाती बम धमाके में प्रमुख महिला सांसद समेत 15 लोगों की मौत हो गई थी। हमला राजधानी मोगादिशु के बेलेडवेयेन कस्बे में हुआ था। मृतकों में सरकार की मुखर आलोचक मानी जाने वाली विपक्षी सांसद अमीन मोहम्मद अब्दी भी शमिल हैं, जो नेशनल असेंबली की अपनी सीट पर हो रहे चुनाव के लिए प्रचार कर रही थीं। पुलिस ने बताया कि हमले की जिम्मेदारी सोमालिया के विद्रोही समूह अल-शबाब ने ली है। हमले में मारे गए ज्यादातर लोग आम नागरिक थे।