फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kiren Rijiju: कश्मीर मुद्दे पर रिजिजू का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- 'नेहरू की मूर्खता' की कीमत चुका रहा देश

Wed, 12 Oct 2022 10:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोदी ने सोमवार को इस रैली में कहा था कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अन्य रियासतों के विलय से संबंधित मुद्दों का चतुराई से हल किया, लेकिन 'एक व्यक्ति' (पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर परोक्ष हमला करते हुए) कश्मीर मुद्दे को नहीं सुलझा सके। 
विज्ञापन
किरेन रिजिजू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही गुजरात का तीन दिवसीय दौरा किया था। इस दौरान आणंद जिले में एक रैली को उन्होंने संबोधित किया था, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम लिए बगैर कांग्रेस पर निशाना साधा था। इसके बाद कांग्रेस ने भी पलटवार किया। इस बीच, बुधवार कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत अभी भी नेहरू की 'मूर्खता की कीमत' चुका रहा है। 

विज्ञापन


पीएम मोदी ने क्या कहा था?
मोदी ने सोमवार को इस रैली में कहा था कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अन्य रियासतों के विलय से संबंधित मुद्दों का चतुराई से हल किया, लेकिन 'एक व्यक्ति' (पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर परोक्ष हमला करते हुए) कश्मीर मुद्दे को नहीं सुलझा सके। 

कांग्रेस ने लगाया था ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी का आरोप
कश्मीर मुद्दे पर नेहरू की आलोचना को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने एक बार फिर असली इतिहास मिटा दिया और भारत के पहले प्रधानमंत्री को बदनाम करने के लिए तथ्यों की अनदेखी की है। 
विज्ञापन


रिजिजू ने कांग्रेस पर किया पलटवार
इसी कड़ी में रिजिजू ने ट्विटर पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश पर पलटवार किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, यह एतिहासिक झूठ है कि महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर के भारत में विलय के सवाल को टाल दिया था। कश्मीर मुद्दे में नेहरू की संदिग्ध भूमिकाकी रक्षा के लिए ये झूठ लंबे समय से चला आ रहा है। 

'देश की आजादी से पहले महाराजा ने किया था नेहरू से संपर्क'
कानून मंत्री ने आगे कहा, शेख अब्दुल्ला के साथ समझौते के बाद 24 जुलाई, 1952 को नेहरू ने लोकसभा में कहा था कि आजादी से एक महीने पहले महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर के भारत में शामिल होने के लिए संपर्क किया था। लेकिन नेहरू ने महाराजा हरि सिंह के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। 

'नेहरू ने कश्मीर के भारत में विलय में देरी की'
अगले ट्वीट में रिजिजू ने कहा कि महाराजा हरि सिंह तो भारत में कश्मीर का विलय करने के लिए तैयार थे, लेकिन खुद नेहरू ऐसा नहीं चाहते थे। उन्होंने कश्मीर को भारत में शामिल करने में देरी की। अन्य सभी रियासतों की तरहत ही महाराजा हरि सिंह ने भी 1947 में ही संपर्क किया था। अन्य राज्यों को तो स्वीकार किया गया, लेकिन कश्मीर को खारिज कर दिया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें