सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को देना, बेचना या किराये पर देना दंडनीय (सांकेतिक)
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अपने नाम या दस्तावेज पर लिया गया सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को देना, बेचना या किराये पर देना अब बेहद भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग से हाल ही में जारी एक सख्त एडवाइजरी के अनुसार, फर्जी आईडी से सिम खरीदने-बेचने या मोबाइल के आईएमईआई (आईएमईआई) नंबर से छेड़छाड़ करने पर 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना हो सकता है।
जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर दिए
यह सख्त कदम छत्तीसगढ़ में सामने आए एक बड़े साइबर फ्रॉड के बाद उठाया गया है। यहां एक एजेंट ने लोगों के दस्तावेज का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर दिए थे। विभाग ने ऐसे सभी नंबरों को बंद कर एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
फर्जी नंबर से कॉल करना देश की सुरक्षा के लिए गंभीर अपराध
सरकार ने साफ किया है कि यदि आपकी आईडी पर चल रही सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए होता है तो कानूनी कार्रवाई मूल ग्राहक के खिलाफ ही होगी। ऐसी सिम को म्यूल सिम कहा जाता है। इसके अलावा, कॉलिंग आईडी बदलकर या एप के जरिये फर्जी नंबर से कॉल करना भी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर अपराध माना गया है।
कंपनियों को पोर्टल से जुड़ने के लिए 30 नवंबर तक का समय
देश में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम (जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में 6 सिम) रखने का नियम है। इस सीमा को पार करने वालों की पहचान के लिए सरकार ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर फोटो दिखने का नया फीचर जोड़ा है।
दूरसंचार विभाग की सलाह में क्या?
सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को इस पोर्टल से जोड़ने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से दूरसंचार विभाग ने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि वे तुरंत संचार साथी पोर्टल या एप पर जाकर यह जांच लें कि उनकी आईडी पर कोई अनजान या अनधिकृत मोबाइल नंबर तो सक्रिय नहीं है।