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आरबीआई ने कसा शिकंजा: 25 हजार करोड़ की सरकारी प्रतिभूतियां बेचीं, विदेशी मुद्रा प्रवाह से बढ़ी लिक्विडिटी

Mon, 21 Sep 2026 11:11 PM IST
शिवम गर्ग एएनआई, नई दिल्ली

सार

विदेशी मुद्रा के बढ़ते प्रवाह से बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी बढ़ने के बीच आरबीआई ने 25 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां बेचकर लिक्विडिटी घटाई। नीलामी में 25 हजार करोड़ रुपये की तय राशि के मुकाबले 84,982 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। यह बिक्री आरबीआई के 1 लाख करोड़ रुपये के OMO कार्यक्रम का हिस्सा है।
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के तहत 25,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां बेच दीं। इस कदम का मकसद बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी यानी सरप्लस लिक्विडिटी को कम करना है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा के बड़े प्रवाह, खासकर FCNR(B) जमा के बढ़ने के बीच की गई है।

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आरबीआई की इस नीलामी में 25,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों के लिए कुल 84,982 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। यानी नोटिफाइड राशि से तीन गुना से भी ज्यादा बोली लगाई गई। केंद्रीय बैंक ने पूरी 25,000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार कर ली।

1 लाख करोड़ रुपये के OMO कार्यक्रम का हिस्सा
आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में कुल 1 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां बेचने का कार्यक्रम घोषित किया था। इसका उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में नकदी की स्थिति को संतुलित करना है। कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपये, 21 सितंबर को 25,000 करोड़ रुपये और 28 सितंबर को 25,000 करोड़ रुपये की बिक्री होनी है।
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सोमवार की नीलामी के साथ आरबीआई अब तक इस कार्यक्रम के तहत 75,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां बेच चुका है। OMO के तहत सरकारी प्रतिभूतियां खरीदने वाले बैंक और अन्य प्रतिभागी आरबीआई को भुगतान करते हैं, जिससे बैंकिंग सिस्टम से रुपये की नकदी बाहर निकलती है।

FCNR(B) जमा से बढ़ा विदेशी मुद्रा प्रवाह
आरबीआई की यह कार्रवाई विशेष USD-INR स्वैप सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने के बीच हुई है। सोमवार को जारी आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 18 सितंबर तक इस सुविधा के तहत कुल 143.596 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ था। इसमें FCNR(B) जमा की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 132.98 अरब डॉलर रही।

इसके अलावा विदेशी मुद्रा में बाहरी उधारी (OFCB) से 5.32 अरब डॉलर और बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ECB) से 5.296 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ। आरबीआई ने बताया कि उसने 8 जून 2026 को FCNR(B) जमा, ECB और OFCB से आने वाले विदेशी मुद्रा प्रवाह के लिए विशेष USD-INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू की थी। FCNR(B) जमा 31 अगस्त तक जुटाए गए, जबकि ECB और OFCB के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर तक खुली रहेगी।

पांच सरकारी प्रतिभूतियों पर मिली बोलियां स्वीकार
सोमवार की OMO नीलामी में आरबीआई ने पेश की गई छह सरकारी प्रतिभूतियों में से पांच के लिए बोलियां स्वीकार कीं। इनमें 6.10 प्रतिशत GS 2031 के तहत 11,512 करोड़ रुपये और 7.95 प्रतिशत GS 2032 के तहत 8,758 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई।

वहीं, 8.28 प्रतिशत GS 2027 के लिए आरबीआई ने सभी बोलियां खारिज कर दीं। इस प्रतिभूति के लिए 20 बोलियों के जरिए कुल 3,082 करोड़ रुपये की मांग आई थी, लेकिन आरबीआई ने इसमें से कोई राशि स्वीकार नहीं की।

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