फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UN: 'जलवायु जिम्मेदारी निभाते हुए विकास कर रहा भारत', यूएनडीपी प्रमुख बोले- दुनिया को सीखना चाहिए

Sun, 16 Nov 2025 01:57 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यूएनडीपी प्रमुख ने कहा कि भारत ने दिखाया है कि तेज विकास को लोगों, विशेष रूप से ऐतिहासिक रूप से पिछड़े लोगों में सोच-समझकर किए गए निवेश से जोड़ा जा सकता है।
 
विज्ञापन
यूएन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि भारत ने ये दिखाया है कि आर्थिक विकास और सामाजिक समावेश एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि समतापूर्ण विश्व बनाने के लिए दुनिया को भारत से सीखने की जरूरत है। यूएनडीपी के कार्यवाहक प्रशासक हाओलियांग शू ने कहा कि भारत के विकास की कहानी न केवल आर्थिक प्रगति के बारे में नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि प्रौद्योगिकी और सहभागी शासन साथ-साथ चल सकते हैं।
विज्ञापन


'दुनिया को भारत से सीखने की जरूरत'
शू ने कहा कि जलवायु अनुकूलन, नवीकरणीय ऊर्जा और समावेशी डिजिटल वित्त के प्रति भारत की प्रतिबद्धता विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाने का एक उदाहरण पेश करती है। उन्होंने कहा कि भारत इस तरह विकास कर रहा है जो आर्थिक रूप से मजबूl  और जलवायु-उत्तरदायी दोनों हों। डिजिटलीकरण और जलवायु कार्रवाई सहित सहयोग के नए क्षेत्रों को मजबूत करने और उनकी पहचान करने के लिए हाओलियांग शू भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए हुए हैं। 

भारत ने तेज विकास को गरीब वर्ग से जोड़ा
यूएनडीपी के नवीनतम मानव विकास सूचकांक से पता चलता है कि मानव विकास में वैश्विक प्रगति 35 वर्षों के निचले स्तर पर आ गई है और पिछले दो वर्षों से यह लगभग स्थिर है। शू ने जलवायु परिवर्तन और गरीबी सहित विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के विकास मॉडल की सराहना की। यूएनडीपी प्रमुख ने कहा कि भारत ने दिखाया है कि तेज विकास को लोगों, विशेष रूप से ऐतिहासिक रूप से पिछड़े लोगों में सोच-समझकर किए गए निवेश से जोड़ा जा सकता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Tharoor: 'जम्मू-कश्मीर से ही शुरू हुआ...', आतंकवाद पर फारूक अब्दुल्ला के बयान पर शशि थरूर ने दी प्रतिक्रिया
विज्ञापन


भारत सरकार की इन योजनाओं को सराहा
शू ने खासकर भारत के प्रमुख कार्यक्रमों जैसे मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) और आयुष्मान भारत का उल्लेख किया और कहा कि ये कार्यक्रम आजीविका सुरक्षा को सामाजिक सुरक्षा के साथ जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और वित्तीय समावेशन प्लेटफार्मों, जिनमें जन धन, आधार, मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी और UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) शामिल हैं, ने करोड़ों लोगों तक पारदर्शी और सीधे लाभ पहुंचाने में मदद की है, और ऐसे उदाहरण पेश किए हैं जिनका अब कई देश अनुसरण कर रहे हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें