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Oil: वेनेजुएला से तेल खरीदने पर भारत के 27,081 करोड़ रुपये सालाना बच सकते हैं, एसबीआई की रिपोर्ट में खुलासा

Thu, 05 Feb 2026 05:21 AM IST
नितिन गौतम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एसबीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि वेनेजुएला से तेल खरीदना रूस से तेल खरीदने के मुकाबले भारतीय तेल कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वेनेजुएला का कच्चा तेल अभी 51 डॉलर प्रति बैरल की कीमत पर मिल रहा है और इससे भारत के हजारों करोड़ रुपये बच सकते हैं। 
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कच्चा तेल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत अगर अपने कच्चे तेल के आयात में आंशिक बदलाव करता है और रूस के बजाय वेनेजुएला के हैवी क्रूड से ज्यादा खरीद करता है, तो देश का तेल आयात बिल हर साल करीब 3 अरब डॉलर (करीब 27,081 करोड़ रुपये) तक कम हो सकता है। यह बात भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रिसर्च की एक नई रिपोर्ट में कही गई है।
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क्या है एसबीआई की रिपोर्ट में
  • रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला का कच्चा तेल 10 से 12 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर मिलता है, तो यह सौदा भारतीय तेल कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है।
  • रिपोर्ट में बताया गया कि इस समय वेनेजुएला का हैवी क्रूड करीब 51 डॉलर प्रति बैरल है। अगर इसमें पर्याप्त छूट मिलती है, तो लंबी दूरी, शिपिंग और बीमा जैसे अतिरिक्त खर्चों के बावजूद कुल लागत संतुलित हो सकती है।
  • रिपोर्ट में भारत की घरेलू रिफाइनिंग क्षमता पर भी जोर दिया गया है। हैवी क्रूड को प्रोसेस करने के लिए रिफाइनरियों की तकनीकी क्षमता और अलग-अलग ग्रेड के तेल को मिलाने (ब्लेंडिंग) में आने वाली लागत भी अहम भूमिका निभाती है।
  • एसबीआई रिसर्च ने एक ब्रूट फोर्स सीनारियो के जरिये यह आकलन किया है, जिसमें माना गया कि भारत पूरी तरह रूसी कच्चे तेल से हटकर वेनेजुएला के तेल पर निर्भर हो जाए। इस स्थिति में अनुकूल छूट मिलने पर सालाना करीब 3 अरब डॉलर की बचत संभव है।

पश्चिम एशिया के मुकाबले पांच गुना अधिक दूर वेनेजुएला
एसबीआई ने यह भी साफ किया कि रूस से वेनेजुएला की ओर रुख करने की लागत कई बातों पर निर्भर करेगी। इनमें ब्रेंट क्रूड के मुकाबले मिलने वाली छूट, लंबी समुद्री दूरी, शिपिंग में लगने वाला समय और बीमा खर्च शामिल हैं। भौगोलिक रूप से वेनेजुएला भारत से काफी दूर है। वहां से तेल लाने की दूरी पश्चिम एशिया के मुकाबले लगभग पांच गुना और रूस के मुकाबले करीब दोगुनी है, जिससे कुल लागत बढ़ती है।
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भविष्य में कई विकल्पों पर निर्भर करेगा भारत का तेल आयात
रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई कि अगर यूक्रेन युद्ध में तनाव कम होता है, तो रूसी तेल पर मिलने वाली मौजूदा भारी छूट घट सकती है। इससे वेनेजुएला के तेल का आर्थिक फायदा सीमित हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि भविष्य में भारत का तेल आयात मिश्रण कई विकल्पों पर आधारित होगा, जिसमें रूस, वेनेजुएला, मध्य पूर्व और अन्य देशों के कच्चे तेल का संतुलन बाजार हालात, छूट और रिफाइनरी  क्षमता के आधार पर तय किया जाएगा।
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