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भारत का सेमीकंडक्टर अभियान: भूमिका निभाने के लिए तैयार युवा पीढ़ी, आईआईटी-एनआईटी राउरकेला चिप डिजाइन में अव्वल

Fri, 21 Mar 2025 07:49 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एमईआईटीवाई की अगुवाई में चिप्स टू स्टार्ट-अप (सी2एस) कार्यक्रम भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई एक बड़ी पहल है। इसका लक्ष्य चिप डिजाइन में विशेषज्ञता प्राप्त बीटेक, एमटेक और पीएचडी स्तर पर 85,000 इंजीनियरों को तैयार करना है।
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारत सेमीकंडक्टर नवाचार तेजी से विकसित हो रहा है। आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी, एनआईटी राउरकेला और सविता इंजीनियरिंग कॉलेज सहित शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान 'एनालॉग और डिजिटल हैकथॉन' के माध्यम से चिप डिजाइन नवाचार में अग्रणी बनकर उभरे हैं। चिप्स टू स्टार्ट-अप (सी2एस) पहल के तहत हैकथॉन का अयोजन किया गया। एनालॉग डिजाइन हैकथॉन में आईआईटी दिल्ली की टीम को पहला तो एनआईटी राउरकेला की टीम दूसरा पुरस्कार हासिल किया।
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विजेताओं की घोषणा की। साथ ही वैष्णव ने कहा, सेमीकंडक्टर डिजाइन को एक रणनीतिक रूप से अनिवार्यता मानते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) देश के चिप डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की दिशा में हरसंभव कदम उठा रहा है। 

चिप्स टू स्टार्ट-अप से 85,000 इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य
एमईआईटीवाई की अगुवाई में चिप्स टू स्टार्ट-अप (सी2एस) कार्यक्रम भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई एक बड़ी पहल है। इसका लक्ष्य चिप डिजाइन में विशेषज्ञता प्राप्त बीटेक, एमटेक और पीएचडी स्तर पर 85,000 इंजीनियरों को तैयार करना है।
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आरआईएससी-वी प्रोसेसर' लॉन्च करने की भी घोषणा
देश के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम का विस्तार करते हुए मंत्रालय ने 'डिजिटल इंडिया आरआईएससी-वी प्रोसेसर' लॉन्च करने की भी घोषणा की है। इसके लिए 10 अप्रैल, 2025 से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। यह पहल सी-डैक के वेगा प्रोसेसर और आईआईटी मद्रास के शक्ति माइक्रोप्रोसेसरों से संचालित होगी।

एनालॉग व डिजिटल हैकथॉन में इन टीमों ने मारी बाजी
100 घंटे तक चले 'एनालॉग और डिजिटल हैकथॉन' में 40 विशिष्ट टीमों, 200 नवप्रवर्तकों ने भाग लिया। कोडिंग और डिजाइन की चुनौतियों से प्रतिभागियों का सामना हुआ। एनालॉग डिजाइन हैकाथॉन में आईआईटी दिल्ली की टीम 'इंट्यूशन' ने पहला पुरस्कार जीता, जबकि एनआईटी राउरकेला की टीम 'एनालॉग एज' ने दूसरा पुरस्कार जीता।
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वहीं आईआईटी गुवाहाटी की टीम एफईटीमैनियाक्स को तीसरा पुरस्कार दिया गया। डिजिटल डिजाइन हैकथॉन के लिए, आईआईटी बॉम्बे की टीम आरआईएससीबी ने पहला पुरस्कार जीता, जबकि सविता इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम 'सिलिकॉन स्क्रिप्टर्स' दूसरे स्थान पर रही। तीसरा पुरस्कार आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी की टीम 'डायडेलस' को मिला।

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