माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ बिल गेट्स ने भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत की अगुवाई में पूरी दुनिया में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह बात वैश्विक उद्योग नेताओं, नीति-निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाने वाले नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम फ्यूचर फॉरवर्ड में कही।
बिल गेट्स ने दुनियाभर में पहचान बनाने वाले भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की सफलता की तुलना देश की एआई प्रगति से करते हुए कहा कि इसी तरह भारत एआई में भी दुनिया भर में अपनी अगुवाई में नवाचार को बढ़ावा देकर सफलता की इबारत लिखेगा। गेट्स ने बताया कि एआई एमआरएनए वैक्सीन (कोविड19 वैक्सीन), कृषि में नवाचार, और कुपोषण से लड़ने जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में डाटा का इस्तेमाल कर असरदार रणनीतियां बनाने में खासा कारगर साबित हो सकता है। इससे सटीक समाधान निकालकर उन बाधाओं को हटाया जा सकता है जो लोगों की प्रगति में रोड़ा बनती हैं और भारत की इस क्षेत्र में प्रगति काबिले तारीफ है।
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भारत की प्रगति से पहुंचेगा सबको फायदा- बिल गेट्स
गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उन्होंने आगामी एआई शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की है, ताकि देशों, खासकर वैश्विक दक्षिण के देशों को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा, हाल ही में मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री से आगामी एआई शिखर सम्मेलन के बारे में बात की। गेट्स ने कहा, मेरा मानना है कि यह एआई शिखर सम्मेलन भारत के लिए अपने एआई नवाचारों को साझा करने का एक बेहतरीन अवसर होगा। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन यह सुनिश्चित करेगा कि विकासशील देशों की सरकारें, खासकर वैश्विक दक्षिण की सरकारें इस सम्मेलन में भाग लें और भारत की एआई प्रगति से फायदा उठाएं।
'यह देश न होता तो कोविड वैक्सीन न होती इतनी सस्ती और सुलभ'
बिल गेट्स ने दुनिया भर के लिए सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली वैक्सीन तैयार करने में अहम योगदान देने के लिए भारतीय कंपनियों की सराहना की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर वैक्सीन निर्माण में सहयोग करने वाले सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक और आईआरआई जैसी कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर भारत का नवाचार नहीं होता, तो वैक्सीन इतनी सस्ती और सुलभ नहीं होती। उन्होंने कहा, मैं यह स्वीकार करता हूं कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अहम भूमिका निभा रहा है।
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'मुश्किल परेशानियों के भी अनोखे और रचनात्मक हल खोजते हैं भारतीय'
बिल गेट्स ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और शिक्षा में हो रहे निवेश देश को वैश्विक बदलाव के लिए अग्रणी बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी बीते तीन साल में भारत की तीसरी यात्रा है। अपने हालिया ब्लॉग पोस्ट में उन्होंने भारत को एक ऐसा देश बताया, जहां बड़ी चुनौतियां का सामना और भी बड़ी महत्वाकांक्षाओं और सपनों से होता है, जहां हैरान कर देने वाले स्तर तक नवाचार बड़े पैमाने पर जीवन में बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि वह हर बार भारत आने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि और प्रौद्योगिकी में नई प्रगति देखते हैं और यहां से नई सोच और प्रेरणा लेकर लौटते हैं, क्योंकि भारत बुद्धिमान और महत्वाकांक्षी लोगों से भरा हुआ है, जो दुनिया की सबसे मुश्किल परेशानियों को भी अनोखे और रचनात्मक तरीकों से हल कर रहे हैं।