कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह अभिनेत्री हर्षवर्दिनी रान्या राव और उनके पिता के रामचंद्र राव के खिलाफ झूठी और अपमानजनक सामग्री प्रसारित या प्रकाशित करने से मीडिया संस्थानों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए। इस मामले की अगली सुनवाई आठ अप्रैल को निर्धारित की गई है।
यह आदेश सोने की तस्करी के एक मामले से संबंधित चल रही कानूनी कार्यवाही के बीच आया है। मामले में अभिनेत्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में रखा गया है। रान्या राव की मां एचपी रोहिणी ने 12 मार्च को एक दीवानी अदालत का रुख किया था, जिसने बाद में एकपक्षीय आदेश जारी कर मीडिया को दो जून तक अभिनेत्री के खिलाफ कोई भी बयान देने से रोक दिया था। बाद में रान्या के पिता की ओर से दायर याचिका के आधार पर उच्च न्यायालय की ओर से भी इसी प्रकार का निर्देश जारी किया गया था। हालांकि, रान्या के परिवार का कहना है कि कुछ मीडिया संस्थानों ने इन न्यायिक निर्देशों के बावजूद सनसनीखेज और नुकसानदायक सामग्री प्रकाशित करना जारी रखा है।
दुबई से आने पर तीन मार्च को बंगलूरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रान्या राव के पास से कथित तौर पर 12.56 करोड़ रुपये की सोने की छड़ें जब्त किए जाने से जुड़ा हुआ है। इसके बाद रान्या के आवास की तलाशी में कथित तौर पर 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी।