1 अगस्त 2012 को अमर उजाला ने इस पर विस्तृत खबर प्रकाशित की थी
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आज देश में हुए ऐतिहासिक पावर कट को 6 साल हो गए हैं। 30 जुलाई, साल 2012 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज है। उस वक्त दिल्ली समेत सात राज्यों की बिजली चले गई थी। जिसके चलते करीब 36 करोड़ लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा था। इसकी वजह था उत्तरी ग्रिड का फेल होना। वैसे तो बिजली जाना कोई बड़ी बात नहीं होती लेकिन एक साथ पूरे उत्तर भारत की बिजली चले जाना बड़ी बात थी। बिजली रात करीब 2:30 बजे गई थी। बिजली पर निर्भरता का असर उस वक्त बड़े पैमाने पर महसूस किया गया था।
इन राज्यों के लोग आए थे अंधेरे में
रात के वक्त दिल्ली समेत सात राज्यों की बिजली चले गई थी। बाकी राज्यों में पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश का नाम शामिल है। इससे 36 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे।
बीच रास्ते में रोकनी पड़ी थीं ट्रेन
इस दौरान कई रेल यातायात भी प्रभावित हुआ था। हर जगह अंधेरा पसरा हुआ था। कोई हादसा न हो इसके लिए ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया था। वहीं दिल्ली की मेट्रो सेवा भी ठप पड़ गई थी। इससे करीब 300 इंटर सिटी ट्रेनें रास्ते में ही थम गई थीं।
पानी के लिए परेशान हुए थे लोग
लोगों को इस दौरान पानी से संबंधित परेशानी का सामना भी करना पड़ा। विशेष रूप से उन लोगों को जो बहुमंजिला इमारतों में रह रहे थे। जब 15 घंटों की मशक्कत के बाद ग्रिड ठीक की गई तो अगले दिन 31 जुलाई की दोपहर को दोबारा ग्रिड फेल हो गई और बिजली चले गई। फिर दोबारा ग्रिड ठीक करने का काम शुरू हुआ जिसके बाद लोगों के घरों में बिजली आ पाई।