भारत सरकार के सूत्रों ने रविवार को स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर में दोनों देशों के बीच आपसी बातचीत में सहमति बनी और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। सूत्रों ने बताया, आठ हवाई ठिकानों को नष्ट किए जाने के बाद पाकिस्तान को एहसास हुआ कि भारत का इरादा गंभीर था। ऐसे में उसने शत्रुता समाप्त करने की मांग करके शांति के लिए बात शुरू की।
इन सूत्रों ने कहा, किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं थी और वास्तव में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन करके बताया कि भारतीय मिसाइलों से हमला किए जाने के बाद पाकिस्तानियों को संदेश मिल गया है। सूत्रों ने कहा कि ये टिप्पणियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को कमजोर करती हैं कि अमेरिकी मध्यस्थता से शांति आई है। इन सूत्रों ने कहा, ट्रंप अतिशयोक्ति के आदी हैं।
सूत्रों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच सहमति बनी और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। सूत्रों ने बताया कि भारत ने वायु रक्षा प्रणालियों से लेकर रडार साइटों और पाकिस्तानी सेना के कमांड सेंटरों तक के आठ प्रमुख प्रतिष्ठानों पर हथियार प्रणालियों और मिसाइलों की एक श्रृंखला का उपयोग करते हुए सटीक हमले किए, जिसके कारण इस्लामाबाद को नई दिल्ली से शत्रुता समाप्त करने का आग्रह करना पड़ा।
श्रेय लेने की ट्रंप की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए बनी सहमति का श्रेय लेते हुए कहा कि दोनों पक्ष अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हुए। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि बीते 48 घंटे में उनकी पीएम नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, एस जयशंकर, पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और दोनों देशों के एनएसए से बातचीत हुई है। इसके बाद दोनों देश संघर्षविराम और किसी तटस्थ जगह पर व्यापक बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार ने तत्काल संघर्षविराम की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दिनभर चली व्यस्त कूटनीति के कारण दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुई और सहमति बनी।
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वादे से फिर पलटा पाकिस्तान
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के एलान के थोड़ी देर बाद ही जम्मू-कश्मीर में सीमापार से गोलाबारी और ड्रोन हमले फिर शुरू हो गए। श्रीनगर में कई धमाके हुए, वहीं आरएसपुरा, सांबा, ललियान और रामगढ़ में भी देर रात तक धमाके होते रहे। सीमापार से फायरिंग में आरएसपुरा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज बलिदान हो गए। हमले में सात अन्य जवान घायल हुए हैं। सभी सैन्य अस्पताल में भर्ती हैं। पंजाब, राजस्थान और गुजरात में भी कई धमाके हुए। रात तक 15 शहरों में ब्लैकआउट करना पड़ा।
रविवार सुबह किया था ये पोस्ट
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'मुझे भारत और पाकिस्तान के मजबूत और अडिग नेतृत्व पर बहुत गर्व है, क्योंकि उनके पास यह जानने और समझने की शक्ति, बुद्धि और धैर्य है कि वर्तमान संघर्ष को रोकने का समय आ गया है, जो कई लोगों की मौत और विनाश का कारण बन सकता था। लाखों अच्छे और निर्दोष लोग मारे जा सकते थे! आपकी विरासत आपके बहादुर काम से बहुत बढ़ गई है। मुझे गर्व है कि अमेरिका ने आपको इस ऐतिहासिक और वीरतापूर्ण निर्णय पर पहुंचाने में मदद की। अभी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन मैं इन दोनों महान देशों के साथ व्यापार को काफी हद तक बढ़ाने जा रहा हूं। इसके अलावा मैं आप दोनों के साथ मिलकर यह देखने के लिए काम करूंगा कि क्या हजार साल के बाद कश्मीर के संबंध में कोई समाधान निकाला जा सकता है। भगवान भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व को अच्छी तरह से किए गए काम के लिए आशीर्वाद दें!!!'
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