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Indian Navy: पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब के लिए मुस्तैद थी नौसेना, अरब सागर में तैयार थे युद्धपोत-पनडुब्बी

Sun, 11 May 2025 11:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Indian Navy: डीजीएनओ वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि नौसेना उत्तरी अरब सागर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात रही और प्रतिशोध की मुद्रा में थी। हम अपने चुने हुए समय पर कराची सहित समुद्र और जमीन पर चुनिंदा लक्ष्यों पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। 
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डीजीएमओ मीडिया ब्रीफिंग - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारतीय नौसेना ने पहलगाम हमले के बाद युद्ध की पूरी तैयारी के साथ युद्धक विमानवाहक समूह (एयरक्राफ्ट कैरियर बैटल ग्रुप), पनडुब्बियों और विमानन सुविधाओं को तुरंत समुद्र में तैनात कर दिया था। नौसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। 

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नौसेना संचालन महानिदेशक (डीजीएनओ) वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा, 'नौसेना उत्तरी अरब सागर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात रही और प्रतिशोध की मुद्रा में थी। हम अपने चुने हुए समय पर कराची सहित समुद्र और जमीन पर चुनिंदा लक्ष्यों पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थे।' 

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वाइस एडमिरल प्रमोद सेना और वायुसेना के अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ ऑपरेशन सिंदूर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। डीजीएनओ ने कहा कि नौसेना ने आतंकी हमले के 96 घंटों के भीतर अरब सागर में कई हथियार परीक्षण किए और समुद्र में रणनीतियों व तरीकों को परखा और उनको बेहतर किया। उन्होंने कहा, 'इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हमारी नौसेना के जवान, हथियार, उपकरण और प्लेटफॉर्म चुने गए लक्ष्यों पर सटीक हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'

डीजीएनओ ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद युद्धक विमानवाहक समूह को अरब सागर में तैनात कर दिया गया था। युद्धक विमानवाहक समूह एक नौसैनिक बेड़ा होता है, जिसमें एक विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) और उसके साथ चलने वाले अन्य युद्धपोत शामिल होते हैं। वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि भारतीय नौसेना की आगे की ओर तैनाती के कारण पाकिस्तानी नौसेना और वायु सेना की इकाइयों को रक्षात्मक मुद्रा में रहना पड़ा, जो ज्यादातर बंदरगाहों के अंदर या अपने तट के बहुत पास ही रहीं।

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उन्होंने कहा, भारतीय नौसेना ने पूरी अवधि के दौरान बिना किसी रुकावट के समुद्री क्षेत्र की जानकारी रखी और पाकिस्तानी इकाइयों के स्थान और उनकी गतिविधियों से पूरी तरह से अवगत थी। तीनों सेनाओं (सेना, वायु सेना और नौसेना) ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। भारतीय नौसेना का यह ऑपरेशनल दबदबा भी पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की गुजारिश करने का एक बड़ा कारण रहा। 

7 मई को भारत ने आतंकी ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद 8, 9 और 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिसका भारत ने कड़ा जवाब दिया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि अब भारत और पाकिस्तान दोनों ने जमीन, हवा और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति जताई है।

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