आतंकी बुरहान मुजफ्फर वानी की मुठभेड़ में मौत और उसके बाद हिंसा से निपटने की सुरक्षा बलों की कार्रवाई की पाकिस्तान द्वारा आलोचना पर भारत ने पलटवार किया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि पाकिस्तान को पीओके के बारे में सोचना चाहिए जहां मानवाधिकार हनन की घटनाएं हो रही है।
कश्मीर के बारे में बोलने का हक पाकिस्तान को नहीं हैं। कश्मीर का मसला भारत का आंतरिक मामला है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकी बुरहान वानी को मारे जाने की घटना को एक्सट्रा ज्यूडिसियल किलिंग बताते हुए आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि यह न्यायपूर्ण नहीं है।
उन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना को आक्रामक बताते हुए कार्रवाई की आलोचना की थी। पाकिस्तान ने विदेश मंत्रालय के जरिए कहा था कि कश्मीर में बेगुनाहों को गोली मारी जा रही है। नवाज शरीफ ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की भी चेतावनी दी थी।
इसके अलावा आंतकी हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन ने बुरहान वानी को शहीद बताया था और पाकिस्तान से इस मसले का फायदा उठाने की अपील की थी।