भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग से जुड़ी पहली उच्च स्तरीय बैठक दिल्ली में हुई। दोनों ही देशों के गृहमंत्रियों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर पर हुई बैठक में भारत ने चीन से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में पाकिस्तान स्थित जेश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर समर्थन मांगा। इसके साथ ही कट्टर उल्फा नेता परेश बरुआ को भी अपने यहां शरण न देने की भी बात कही। दोनों देशों के बीच पहली बार सुरक्षा सहयोग पर हस्ताक्षर हुए।
बैठक में शामिल अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ ही एक दूसरे को पूरा सहयोग देने की भी सहमति बनी। भारत ने मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित करने की राह में रोड़ा अटकाने का मामला उठाते हुए चीन से अपने रुख पर दोबारा विचार करने को कहा है। वहीं चीन ने उईघुरों द्वारा घुसपैठ पर अपनी चिंता जताई है।
गृहमंत्रालय के मुताबिक इस मौके पर सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों देशों के बीच, आतंकवाद पर काबू पाने के लिए चर्चा की गई। मालूम हो कि चीन के पब्लिक सिक्योरिटी मिनिस्टर 21 से 25 अक्तूबर तक भारत के द्विपक्षीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह मुंबई भी जाएंगे।