देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। आए दिन इस वायरस के कारण लोगों की जान जा रही है। हालांकि, सख्त लॉकडाउन के नियमों के चलते अब कोरोना के मामलों में कमी दर्ज की जा रही है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के एक लाख 27 हजार 510 नए मामले सामने आए हैं पर अगर मई के आंकड़ों पर ध्यान दें तो इस माह में कोरोना की दूसरी लहर ने देश में कोहराम मचा दिया। आलम यह था कि देशभर में हजारों लोगों ने कोरोना की चपेट में आने के बाद ऑक्सीजन व स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ दिया।
मई में 1.2 लाख लोगों की कोरोना से मौत
लोगों की मौत भी हुई।सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई माह में कई दिन चार लाख से ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए गए थे। इतना ही नहीं मई में भारत में अन्य देशों की तुलना में कोरोना के सबसे अधिक केस दर्ज हुए और इसी महीने में किसी अन्य देश की तुलना में भारत में सबसे ज्यादा (1.2 लाख) लोगों की मौत भी हुई। जबकि अप्रैल में केवल 48 हजार 768 लोगों की मौत हुई थी।
आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकते हैं कोरोना के मामले
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में कोरोना के 90.3 लाख केस सामने आए जबकि अप्रैल में नए मामलों की संख्या 69.4 लाख थी यानी अप्रैल की तुलना में मई में नए मामलों की संख्या 30 फीसद ज्यादा रही। जानकारों का मानना है कि यह आधिकारिक आंकड़ें हैं, लेकिन असल में इससे बहुत अधिक लोग कोरोना की चपेट में आए हैं और महामारी से हुई मौतों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा हो सकती है।
15 मई के बाद नए मामलों में गिरावट
भारत की तुलना में मई के महीने में अन्य देशों में बेहद कम मामले देखने को मिले। हालांकि, राहत की बात यह रही कि 15 मई के बाद नए मामलों में गिरावट दर्ज की जाने लगी। इसके साथ ही एक्टिव केस भी लगातार घटने लगे। देश में फिलहाल 18 लाख 95 हजार 520 एक्टिव केस हैं।