फिच रेटिंग ने साल 2016-17 वित्त वर्ष में भारत की रेटिंग 7.4 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दी है। उनका कहना है कि 8 नवंबर की गई नोटबंदी के बाद अनिश्चितता के कारण इसमें कटौती की गई है।
बताते चलें कि फिच ने मंगलवार को अपनी द्विमासिक रेटिंग जारी की है। अपने न्यूजलेटर में फिट ने कहा, '8 नवंबर के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में कमी आई है। इसे देखते हुए विकास दर का पूर्वानुमान घटाना पड़ा है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, फिच ने कहा है कि इस कदम से कुछ लाभ की संभावना है, जो कि ज्यादा नकारात्मक है। स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि सरकार के वित्तीय और मध्यम अवधि विकास दर में कोई बदलाव ला सके। फिच ने कहा है कि नोटबंदी का असर जितने दिन रहेगा, उतने दिन अर्थव्यवस्था पर असर होगा।