भारी बर्फबारी के बाद पहाड़ों में रिकॉर्ड ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ठंड और शीतलहर के कारण लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर है। ताजा हिमपात से जहां उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में कई मार्ग बंद हो गए हैं वहीं आधे हिमाचल में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। राजधानी शिमला में छह साल बाद न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड-3.2 डिग्री तक लुढ़क गया है।
कई नदियां-झीलें जम गई हैं। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच शिमला शहर समेत सिरमौर, कुल्लू, चंबा, मंडी और कांगड़ा के कई इलाकों में बिजली पांच दिन से गुल है। पाइप जाम होने से पीने का पानी भी नहीं मिल रहा। 200 छोटी-बड़ी सड़कें अब भी बंद हैं। रास्तों में बर्फ और कोहरा जमने से फिसलन बढ़ गई है, जिससे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गईं हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मंगलवार रात शिमला में न्यूनतम तापमान -3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले जनवरी 2011 में न्यूनतम पारा -3.3 दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञान केंद्र ने शिमला, किन्नौर के कुछ क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को भी हल्की बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है।
प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में 13 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा। 14 जनवरी को कुछ क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। 15 और 16 जनवरी को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। 17 जनवरी को कुछ क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है।
ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी
वहीं उत्तराखंड के चमोली जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, तुंगनाथ और केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। जिले के ऊंचाई वाले करीब 35 गांव बर्फ से ढक गए हैं। निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी और झींझी गांवों में भी बर्फबारी होने से पैदल रास्ते बंद हो गए हैं। यहां पेयजल लाइनें जम गई हैं। बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ से आगे बंद हो गया है।
जोशीमठ-औली मोटर मार्ग पर भी कवांण बैंड से आगे वाहनों की आवाजाही ठप है। फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब यात्रा का प्रमुख पड़ाव घांघरिया भी बर्फ से ढक गया है। फूलों की घाटी में करीब पांच फीट बर्फ जम गई है।
गोविंदघाट से घांघरिया तक पैदल रास्ता आवाजाही के लिए खुला है, लेकिन यहां से आगे हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले रास्ते बर्फ से बंद पड़े हैं। घांघरिया में भी करीब एक फीट बर्फ जमी है। उधर बीते एक दशक में यह पहला मौका है जब लगातार दो दिन से चकराता क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है।
कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी रहने से पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों के साथ ही तराई-भाबर में बुधवार को भी शीतलहर का जबर्दस्त प्रकोप बना रहा।