पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने गैस सप्लाई को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। सीजीडी कंपनियों को पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बढ़ाई गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती की जा रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में गैस संकट की आशंका गहराने लगी थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की सप्लाई को स्थिर रखने और आम लोगों पर असर कम करने के लिए व्यापक रणनीति लागू की जा रही है।
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सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन देने को प्राथमिकता दें। इसका मकसद कमर्शियल एलपीजी पर दबाव कम करना है, ताकि गैस की उपलब्धता बनी रहे और बाजार में संतुलन कायम रहे।
पीएनजी को बढ़ावा
सरकार ने गैस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सभी लंबित कामों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकारों को मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। साथ ही सरकारी दफ्तरों, कॉलोनियों और कैंटीनों को भी पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि एलपीजी की खपत कम हो सके।
एलपीजी सप्लाई में बड़ा इजाफा
कमर्शियल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एलपीजी सिलिंडर का आवंटन बढ़ा दिया है। राज्यों को अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी दिया गया है। इससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस अतिरिक्त गैस को होटल, ढाबा, इंडस्ट्रियल कैंटीन और सामुदायिक रसोई जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता से दिया जाएगा।
कालाबाजारी पर सख्ती और निगरानी
सरकार ने गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। कई राज्यों में 3500 से ज्यादा छापेमारी की गई है और करीब 1400 सिलिंडर जब्त किए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार सप्लाई चेन को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती।
जनता के लिए राहत और अपील
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें।