पेगासस जासूसी मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में सोमवार को भी हंगामा जारी रहा। हालांकि इस दौरान लोकसभा में कार्यवाही भी जारी रही। इसी बीच लोकसभा ने जनरल इंश्यूरेंस बिजनेस राष्ट्रीयकरण संशोधन विधयेक 2021 पारित कर दिया। इसके बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह तक स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में हंगामे के कारण कामकाज बाधित हुआ। अंतत: दोपहर बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
जनरल इंश्यूरेंस बिजनेस (नेशनलाइजेशन) संशोधन विधेयक 2021 का मकसद सरकारी जनरल इंश्यूरेंस कंपनियों को भारतीय बाजार से संसाधन जुटाने के अनुमति देना है, ताकि वे भी जनरल इंश्यूरेंस के क्षेत्र में नए उत्पाद पेश कर सकें। इससे सरकारी जनरल इंश्यूरेंस कंपनी में सरकार की 51 फीसदी हिस्सेदारी की बाध्यता भी खत्म हो जाएगी। इस संशोधन से सरकारी बीमा कंपनियों में भी निजी क्षेत्र की साझेदारी बढ़ाने का रास्ता साफ होगा। सरकार ने कहा है कि सामाजिक सुरक्षा के लिए बीमा कवरेज बढ़ाने, पॉलिसीधारकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और अर्थव्यवस्था के विकास के लिए यह जरूरी है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में की थी घोषणा
विधेयक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने पेश किया था। वित्त मंत्री ने बजट 2021-22 में दो सरकारी क्षेत्र की बैंकों व एक जनरल इंश्यूरेंस कंपनी के निजीकरण का बड़ा एजेंडा घोषित किया था। इसके लिए उन्होंने कानून में संशोधन की बात कही थी।
चार में से एक जनरल इंश्यूरेंस कंपनी का होगा निजीकरण
अभी देश में चार सरकारी जनरल इंश्यूरेंस कंपनियां हैं-नेशनल इंश्यूरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्यूरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्यूरेंस कंपनी लिमिटेड। इनमें से किसी एक कंपनी का निजीकरण होगा। हालांकि सरकार ने अभी किसी एक कंपनी का नाम तय नहीं किया है।
राज्यसभा में विपक्ष ने किया भारी हंगामा
उधर, राज्यसभा में पेगासस जासूसी मामले को लेकर दिनभर हंगामा होता रहा। विपक्ष के सदस्यों ने जासूसी व अन्य मामलों को लेकर कामकाज में बाधा डाली। राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3.36 बजे जब फिर शुरू हुई तो सरकार ने दो विधेयक विचार के लिए पेश किए। वहीं विपक्ष के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर गर्भगृह में नारेबाजी करते रहे। उस वक्त भुवनेश्वर कलीता आसंदी पर बैठे थे, उन्होंने सदस्यों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद उन्होंने मंगलवार सुबह 11 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी।
आयुध फैक्ट्रियों के कर्मचारियों के हितों का संरक्षण होगा
इस बीच राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि देश की आयुध फैक्ट्रियों के कर्मचारियों के हितों का संरक्षण किया जाएगा। संगठनात्मक पुनर्संरचना व इन्हें सात सरकारी कंपनियों का रूप देने से कर्मचारियों के हित अप्रभावित रहेंगे। सरकार ने जून में आयुध फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के बड़े आर्थिक सुधार को मंजूरी दी है। यह बोर्ड 41 देशभर में 41 गोलाबारूद व हथियार फैक्ट्रियां संचालित करता है। सुधार पैकेज का मकसद कार्यक्षमता व प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। भट्ट ने कहा कि ओएफबी के सभी ए, बी व सी श्रेणी के कर्मचारियों को, जो कि उत्पादन इकाइयों या गैर उत्पादन इकाइयों में काम करते हैं, उन्हें नए बनाए जाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों (डीपीएसयू) में स्थानांतरित किया जाएगा।