नई सरकार बनने के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति हुतिन ज्यॉ ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने म्यांमार को महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए हर कदम पर साथ देने का वादा किया।
म्यांमार और भारत के संबंधों के महत्व को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा,'भारत, म्यांमार के साथ एक साझेदार के रूप में हर कदम पर खड़ा रहेगा। दोनों देश जानते हैं कि उनके सुरक्षा हित आपस में जुड़़े हुए हैं।' मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति को विकास का लक्ष्य हासिल करने में उनकी मदद करने का आश्वासन दिया।
म्यांमार में फौजी शासन के कई सालों बाद आंग सान सू की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की सरकार बनी है। और पार्टी की तरफ से म्यांमार के राष्ट्रपति हुतिन ज्यॉ को बनाया गया है। दोनों देशों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिर दोहराया है कि वह अपनी जमीन पर विद्रोही गतिविधियों की इजाजत नहीं देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सू की की शांति प्रक्रिया पहल का भी समर्थन किया। मोदी ने कहा,'भारत 21वीं सदी पेन्गलोंग कॉन्फ्रेंस का समर्थन करता है।' सू की की शांति प्रक्रिया की इस पहल के जरिए तीन सशस्त्र विद्रोही गुट चीन की मदद से वार्ता की टेबल पर आए थे।