भारत का कहना है कि पुलवामा के बाद हमने दुनिया को पाकिस्तान का सच बताया। उन्हें बताया कि पाकिस्तान में कैसे भारत विरोधी गतिविधियां चल रही हैं, कैसे पाकिस्तान की सरकार संरक्षण दे रही है और इसमें वहां के सरकारी विभाग शामिल हैं। जबकि पाकिस्तान ने लगातार आश्वासन दिया है कि वह अपनी जमीन से आतंकविरोधी गतिविधियों को नहीं चलने देगा।
सूत्र का कहना है कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और रूस समेत अन्य से हमने वास्तविकता बताकर पाकिस्तान को समझाने की अपील की। भारत ने आतंकवाद के विरूद्ध पाकिस्तान पर ठोस कार्रवाई के कूटनीति दबाव के लिए ऐसा किया। सूत्र का कहना है कि आपरेशन बालाकोट के बाद भी भारत ने दुनिया के देशों को केवल पाकिस्तान की करतूत बताई।
उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान दुनिया के सामने गिड़गिड़ाया। उसने मध्यस्थता चाही, लेकिन किसी भी देश ने भारत से सफाई नहीं मांगी। राजनयिकों का कहना है कि पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकार्ड अच्छा नहीं है।
वहीं विश्वसनीयता को लेकर भारत के अंतरराष्ट्रीय पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। यही वजह रही कि अबू धाबी में ओआईसी (इस्लामिक देशों के संगठन) में भारत पचास साल बाद पहली बार शरीक हुआ, लेकिन हमें ओआईसी का साथ मिला। आतंकवाद के विरुद्ध सख्तप्रस्ताव पारित हुआ और वहां भी पाकिस्तान को झटका लगा।