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AI in Defence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर न हो किसी देश का दबदबा, राजनाथ ने किया इसके खतरों से आगाह

Mon, 11 Jul 2022 11:06 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्री सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले 75 रक्षा उत्पादों को लांच किया। इनमें से कुछ पहले से ही सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं, जबकि शेष तैनाती की प्रक्रिया में हैं।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आर्मी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तकनीक पर किसी एक देश का दबदबा नहीं होना चाहिए। भारत को इस दिशा में बेहद सावधानी से काम करने की जरूरत है। हमें इसके कारण होने वाली कानूनी, नैतिक, राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें मानवता की प्रगति और शांति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई देश या देशों का समूह परमाणु ऊर्जा की तरह इस तकनीक पर भी अपना दबदबा कायम कर लें और अन्य देश पीछे रह जाएं। उन्होंने आगे कहा कि हम एआई की प्रगति को रोक नहीं सकते और हमें ऐसा करने का प्रयास भी नहीं करना चाहिए, लेकिन इसे लेकर सतर्क रहना जरूरी है। 

बड़ी चुनौती लाती है नई तकनीक
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब कोई नई तकनीक आती है तो वह बड़ी चुनौती लाती है। यह संक्रमण काल है और यह बहुत बड़ा और गंभीर भी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चूंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यापक बदलाव लाएगी, इसलिए हमें इससे होने वाली कानूनी, नैतिक, राजनीतिक व आर्थिक उथल-पुथल से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। इमें सावधानी से काम करना होगा, ताकि ऐसा न हो कि आने वाले दिनों में ये हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाएं। 
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राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी का आगमन घड़ी की गति की तरह है क्योंकि एक बार यह आगे बढ़ जाता तो इसे पीछे चलाना संभव नहीं है। जब भी कोई नई तकनीक आती है तो समाज उसके साथ खुद को समायोजित करने में समय लेता है।  उन्होंने यह भी कहा कि देश को प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिक उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। एआई की वजह से रक्षा क्षेत्र में अहम बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से सैनिकों के प्रशिक्षण में भी सुधार किया जा रहा है। 

एआई आधारित 75 रक्षा उत्पाद लांच 
रक्षा मंत्री सिंह ने उक्त कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले 75 रक्षा उत्पादों को लांच किया। इन 75 उत्पादों में से कुछ पहले से ही सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं, जबकि शेष तैनाती की प्रक्रिया में हैं। ये 75 उत्पाद रोबोटिक्स सिस्टम, साइबर सुरक्षा, मानव व्यवहार के विश्लेषण, निगरानी प्रणाली, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, आवाज के विश्लेषण और 'सी4आईएसआर' यानी कमांड, कंट्रोल, कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर और खुफिया, निगरानी और टोह लेने तथा डेटा विश्लेषण  से संबंधित हैं।

सेना प्रमुख ने किया किताब का विमोचन
इस बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने सोमवार को केंद्रीय सेना और जीओसी के पूर्व जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल राजन बख्शी द्वारा लिखित पुस्तक 'कैवेलियर्स टेक - मेमायर आफ ए सोल्जर्स जनरल' का विमोचन किया। किताब जनरल बख्शी के वास्तविक जीवन के अनुभवों का संकलन है। इसमें लद्दाख कोर की कमान के दौरान चुनौतियों का सामना करने जैसे वाकये शामिल किए गए हैं। 

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