इस साल के ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में छह पायदान का सुधार आया है। इस सूचकांक में यह 60वीं पोजीशन पर है, जबकि चीन इससे कहीं आगे 22वें स्थान पर है। लगातार पांच साल पिछड़ने के बाद भारत की रैंकिंग में यह सुधार हुआ है।
स्विट्जरलैंड, स्वीडन, नीदरलैंड, अमेरिका और यूके को इस इंडेक्स में ऊंची रैंकिंग हासिल हुई है। यह इंडेक्स कॉर्नेल यूनवर्सिटी, इनसीड और वर्ल्ड इंटेलक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन ने बनाई है।
वाणिज्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि भारत की उपलब्धि इसलिए अहम है क्योंकि पिछले पांच साल से इसकी रैंकिंग में लगातार कमी आ रही थी। भारत को ऊंची रैंकिंग दिलाने के लिए एक टास्कफोर्स बनाई गई थी, जिसे एक इनोवेटिव देश के तौर पर भारत की पोजीशन का आकलन करना था और देश में इनोवेशन के माहौल को बेहतर बनाने के उपाय सुझाने थे।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स हर साल दुनिया की 30 देशों की अर्थव्यवस्थाओं को कम से एक दर्जन कसौटी पर कसता है। इनमें पेटेंट फाइलिंग, शिक्षा पर खर्च और आर्थिक और सामाजिक ग्रोथ को आगे ले जाने वाले कारक शामिल हैं।