विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया कि हमारी 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत आज कैबिनेट ने भारत और मालदीव के बीच न्यायिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी।
भारत और मालदीव ने बुधवार को अदालत के डिजिटलीकरण में तेजी लाने और दोनों देशों में आईटी कंपनियों और स्टार्ट-अप के लिए संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए न्यायिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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स्टार्ट-अप की संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया कि हमारी 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत आज कैबिनेट ने भारत और मालदीव के बीच न्यायिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी। इससे अदालत के डिजिटलीकरण में तेजी आएगी और दोनों देशों में आईटी कंपनियों और स्टार्ट-अप की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
इससे पहले जून में, विदेश मंत्री जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति इबू सोलिह के साथ बातचीत की थी और भारत और मालदीव के बीच व्यापक सहयोग को रेखांकित किया था। भारत 1965 में अपनी स्वतंत्रता के बाद मालदीव को मान्यता देने और देश के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले सहयोगियों में से एक था।
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संबंध बहुआयामी तरीके से हुए प्रगाढ़
बयान के अनुसार, हाल के वर्षों में भारत और मालदीव के बीच घनिष्ठ संबंध बहुआयामी तरीके से प्रगाढ़ हुए हैं। विधि एवं न्याय के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित इस समझौते पर हस्ताक्षर के साथ, दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों को और गति मिलेगी।
यह समझौता न सिर्फ दोनों देशों के बीच न्यायिक एवं अन्य कानूनी क्षेत्रों में ज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को संभव बनाएगा बल्कि 'पड़ोसी पहले' की नीति के उद्देश्यों को भी आगे बढ़ाएगा। भारत की पड़ोसी पहले की नीति का मुख्य लक्ष्य भारतीय उपमहाद्वीप के देशों के बीच सहयोग और रिश्तों को मजबूत बनाना है।