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जापान के साथ मिलकर हथियार बनाएगा भारत, चीन हुआ बेचैन

Thu, 07 Sep 2017 05:43 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली 
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भारत और जापान तकनीक के दोहरे प्रयोग के साथ आपसी रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने जापानी समकक्ष इतसुनोरी ओनोडेरा के साथ मंगलवार को व्यापक विचार विमर्श किया। भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने का निर्णय उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण और चीन की तरफ से दक्षिण चीन सागर में अड़ियल रुख अपनाने के बीच आया है। 
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पढ़ें- दो दिन तक रक्षा मंत्री का पद नहीं संभालेंगी निर्मला, जेटली ने बताई वजह    

दोनों देश मानव रहित विमान और रोबोटिक्स के क्षेत्र में शोध के लिए तकनीकी विचार विमर्श शुरू करने पर भी सहमत हुए। भारत अपनी नौसेना के लिए जापान से यूएस-2 शिनमाएवा एयरक्राफ्ट खरीदने की योजना बना रहा है। दोनों देश थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच मजबूत होते संबंधों के साथ ही आतंकरोधी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।

रूस के साथ अपने संबंधों को विस्तार देना चाहता है भारत: स्वराज
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत अपने आर्थिक संबंधों का विस्तार रूस के सुदूर पूर्व तक करना चाहता है। विदेश मंत्री ने कहा कि वह चाहती है कि रूसी सरकार भारतीय निवेशकर्ताओं को इस क्षेत्र में सुविधाएं देने में सहयोग करे।
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ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक से इतर सुषमा स्वराज ने व्लादिवोस्तक में अपने रूसी समकक्ष सर्गेइ लवारोव के साथ मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देशों की मित्रता चट्टान की तरह मजबूत है। 
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