रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई से यह जानकारी मांगी है कि क्या बोफोर्स मामले में यूपीए सरकार ने एजेंसी को दिल्ली हाईकोर्ट के 2005 में उसकी चार्जशीट खारिज करने के फैसले को चुनौती देने से रोका था।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को लिखे एक पत्र में रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने कहा है कि उन्होंने इस मामले को स्पष्टीकरण देने के लिए ‘संबंधित एजेंसी’ को भेज दिया है ताकि सांसद को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
पढ़ें- बोफोर्स घोटाला: हिंदुजा ब्रदर्स पर अक्तूबर में सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
दुबे ने बोफोर्स का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि यूपीए सरकार के समय में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और कानून मंत्रालय ने सीबीआई को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने की इजाजत नहीं दी थी।
भाजपा नेता ने लंदन में उस खाते से रोक हटा दिए जाने की बात भी कही थी, जो बोफोर्स सौदे से जुड़ा था। इसका नतीजा यह हुआ कि जिस दिन हाईकोर्ट का फैसला आया उसी दिन खाते से पैसा निकाल लिया गया। दुबे ने सरकार से अनुरोध किया था कि वह सीबीआई को बोफोर्स मामला फिर से खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की इजाजत दे।