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India Japan Summit: भारत-जापान में सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिज व ऊर्जा सहयोग पर सहमति बनने के आसार

Thu, 25 Jun 2026 04:35 AM IST
Devesh Tripathi अजीत खरे, नई दिल्ली।

सार

भारत और जापान के बीच आगामी शिखर बैठक में आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है। दोनों देश सेमीकंडक्टर निर्माण, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति, ऑटोमोबाइल उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दे सकते हैं। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तेल भंडारण और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए निवेश समझौतों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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भारत-जापान शिखर वार्ता - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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अगले महीने होने वाली भारत-जापान शिखर वार्ता में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक समझौतों पर सहमति बनने के आसार हैं। सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिज, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और व्यापक ऊर्जा संसाधन साझेदारी जैसे क्षेत्रों में नए निवेश की घोषणा हो सकती है।
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इसके अलावा वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और रणनीतिक तेल भंडार विकसित करने के लिए भी दोनों देशों के बीच निवेश समझौते होने की उम्मीद है। जापान की प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची   एक जुलाई को भारत आएंगी। नई दिल्ली में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता होगी।  ताकाइची के साथ जापान की 55 प्रमुख कंपनियों के प्रमुख और प्रतिनिधि भी भारत आएंगे। इनमें से कई कंपनियां भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं।

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर रहेगा जोर
भारत और जापान के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 27.47 अरब डॉलर रहा। इस दौरान भारत ने जापान से 21.43 अरब डॉलर मूल्य के तांबा और उससे बने उत्पाद, विद्युत मशीनरी एवं उपकरण, अकार्बनिक रसायन तथा लोहा-इस्पात का आयात किया। वहीं भारत का जापान को निर्यात केवल 6.04 अरब डॉलर रहा, जिसमें परमाणु रिएक्टर से जुड़े उपकरण, तांबा और उससे बने उत्पाद, विद्युत मशीनरी एवं उपकरण तथा इस्पात शामिल हैं। भारत अब अपने निर्यात को बढ़ाकर इस व्यापार असंतुलन को कम करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
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