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भारत की बढ़ती सैन्य ताकत पाकिस्तान के लिए क्यों बन गई चिंता?

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भारत की बढ़ती ताकत से डरा पाकिस्तान - फोटो : Youtube
हाल ही में पाकिस्तान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नासिर खान जंजुआ ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता को पाक के लिए एक चिंता का विषय बताया था। उनकी इस चिंता के दो दिन बाद ही स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीप्री) ने 2015 तक सैन्य क्षमता पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों की सूची जारी कर पाक की चिंता और बढ़ा दी। इस रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य क्षमता पर खर्च करने वाले देशों में भारत का छठा स्थान है। तो आइए जानते हैं आखिर भारत ने बीते कुछ सालों में अपनी सैन्य क्षमता में कितना इजाफा किया है जो पाकिस्तान के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
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उन्नत तकनीक का इस्तेमाल शुरू हुआ

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सैन्य क्षमता बढ़ाने पर खर्च होती है मोटी रकम - फोटो : PTI
भारत अपने सेना के तीनों अंगो को मजबूत करने के लिए भारी भरकम पैसा खर्च कर रहा है। पिछले कुछ सालों में भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना में काफी अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक का इस्तेमाल शुरू हुआ। इसमें सबसे खास बात तो यह रही कि इस दौरान स्वदेश में निर्मित आयुधों के विकास पर भी काफी ध्यान दिया गया।
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अत्याधुनिक हथियारों को थल सेना में शामिल किया

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दुनिया के सबसे ताकतवर सेनाओं में होती है गिनती
थल सेना- भारतीय थल सेना की गिनती दुनिया की पांच सबसे ताकतवर सेना के रूप में होती है। इस सेना और ज्यादा शक्तिशाली बनाने के लिए सरकार ने हाल के कुछ सालों में कई अत्याधुनिक हथियारों को थल सेना में शामिल किया है। इममें स्वदेश में निर्मित अर्जुन टैंक, जमीन से जमीन और जमीन से हवा में मार करने वाले पृथ्वी मिसाइल और कई अन्य तरह के खतरनाक हथियार शामिल है। दुर्गम इलाकों में अपनी ताकत ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सड़क निर्माण का कार्य भी तेजी से हो रहा है जिससे कि सेना को बिना किसी कठिनाई के आसानी से एक-जगह से दूसरे जगह पर पहुंचाया जा सके।

भारत के पास दुनिया के उन्नत लड़ाकू विमान

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भारतीय वायु सेना का दुनिया मानती है लोहा - फोटो : IAF
वायु सेना- भारतीय वायु सेना की गिनती दुनिया के दस सबसे ताकतवर सेना का रूप में होती है। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन और इजराइल जैसे देशों के बाद भारत का ही नंबर आता है। भारत की वायु क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके पास दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान हैं। इसमें रूस के सुखोई और मिग विमानों के अलावा, स्वदेश में ही निर्मित तेजस विमान भी शामिल हैं। भारत ने हाल ही में फ्रांस के साथ रॉफेल लड़ाकू विमान, अमेरिका के साथ अपाचे और चिनूक जैसे हेलिकॉप्टर और हर्क्यूलिस जैसे कॉर्गों विमानों की खरीद को मंजूरी दी है।
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भारत के पास हैं दो विमान वाहक पोत

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भारत के पास है विमान वाहक पोत - फोटो : Wiki
नौसेना- भारतीय नौसेना की गिनती दुनिया के पांच सबसे ताकतवर नौसेना के तौर पर होती है। भारतीय नौसेना दुनिया के उन चुनिंदा नौसेनाओं में से एक है जिसके पार विमान वाहक पोत हैं। भारत के नौसैन्य बेड़े में आईएनएस विराट और आईएनएस विक्रमादित्य जैसे दो विमान वाहक पोत हैं। वहीं पाक के पास फिलहाल ऐसा कोई पोत नहीं है। इसके अलावा आईएनएस कोलकाता और कोच्चि जैसे युद्धक पोत भी हैं।
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परमाणु मिसाइल दागने में भी सक्षम

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भारत के पास हैं परमाणु शक्ति से चलने वाली पनडुब्बियां
पनडुब्बी- अगर बात करें पनडुब्बियों की तो भारत के पास कई पनडुब्बियां हैं जो परमाणु क्षमता संपन्न है। भारत के पास अरिहंत और चक्र जैसी परमाणु शक्ति चालित पनडुब्बियां हैं जो कई महीनों तक पानी के अंदर रहकर जरूरी अभियानों को क्रियान्वयन कर सकता है। ये पनडुब्बियां पानी के अंदर से परमाणु मिसाइल दागने में भी सक्षम हैं। भारत ने हाल ही में अपने युद्धक जल पोतों पर अत्याधुनिक बराक मिसाइलों की भी तैनाती की है जिसकी गिनती दुनिया से सबसे घातक मिसाइलों में होती है।
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जल्द ही शुरू होगी स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली

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तैयार हो रहा है स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम - फोटो : Youtube
इरना- इसके अलावा भारत अमेरिकी नेविगेशन सिस्टम पर अपनी निर्भरता खत्म करने के लिए खुद का नेविगेशन सिस्टम भी विकसित कर रहा है जिसे भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली के नाम से जाना जाता है। अगले साल तक इस उपग्रह प्रणाली के शुरू होने की उम्मीद है। इसके शुरू हो जाने के बाद भारतीय सेना की ताकत में कई गुना इजाफा हो जाएगा। इसके साथ ही देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीमाओं की निगरानी आसानी से की जा सकेगी। इससे पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवादी घुसपैठ की कमर तोड़ने में मदद भी मिलेगी।
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