आतंकवाद विरोधी अभियान में भारत अमेरिका का भरोसेमंद और करीबी सहयोगी है। इस क्षेत्र में दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग का भविष्य उज्ज्वल है।
अमेरिकी आतंकवाद विरोधी समन्वयक नार्थन सेल्स ने दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप के बीच की बैठकों को दिया।
वहीं बैठकों का श्रेय ट्रंप प्रशासन के शुरुआती कार्यकाल के प्रयासों को दिया गया। आईएस को हराने के कानूनी प्रयासों पर आयोजित सम्मेलन के दौरान सेल्स ने कहा कि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने भारत के समक्ष आने वाले आतंकी खतरों को वर्गों में बांटा और उनकी घोषणा की।
अमेरिका ने 2016 में भारत के साथ संदिग्ध आतंकी सूचनाएं साझा करने का समझौता किया था।