घरेलू उड़ानों में 22 फीसदी का इजाफा
जेट एयरवेज की सीनियर ट्रेनर और भारत एविएशन रेगुलेटर में डिप्टी चीफ फ्लाइट ऑपरेशन इंसपेक्टर श्वेता सिंह कहती हैं कि समाज बहुत तेजी से बदल रहा है।
अंतराष्ट्रीय सोसाइटी ऑफ वुमन एयरलाइन पायलट के आंकड़े बताते हैं कि भारत में महिला पायलटों का आंकड़ा विश्व में महिला पायलटों की संख्या की तुलना में 20 फीसदी ज्यादा है। बता दें कि विश्व की तुलना में भारत में महिला पायलटों की संख्या दुगुनी है। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से भी ज्यादा है। इन देशों में महिला पायलटों की संख्या 5 फीसदी से भी कम है।
आठ लाख पायलटों की होगी जरूरत
दुनियाभर में पायलटों की मांग बढ़ रही है, आने वाले 20 वर्षों में करीब 7,90,000 नये पायलटों की जरूरत होगी। भारत में एविएशन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। घरेलू उड़ानों में महज छह महीनों में 22 फीसदी का इजाफा हुआ है। अगर इसी तेजी से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में यह मांग दुगुनी हो जाएगी। अगर पायलटों की कमी से निपटना है तो अधिक से अधिक महिला पायलटों को नौकरी देनी होगी।
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