यूनिसेफ के दक्षिण एशिया के निदेशक।
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यूनिसेफ के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक संजय विजयसेकरा 27 से 29 जून के दौरान भारत के दौरे पर रहे। इस दौरान विजयसेकरा ने भारत में सरकार की साझेदारी में चल रहे यूनिसेफ के अभियानों का जायजा लिया। अपनी इस भारत यात्रा के दौरान भारत में योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में उनका नजरिया रहा यह उन्होंने अमर उजाला के साथ साझा किया। आइए जानते हैं भारत में यूनिसेफ की भूमिका और विकास योजनाओं पर यूनिसेफ दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक क्या बोले...
सवालः यूनिसेफ के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में आपने भारत की यात्रा की, यह कितना महत्वपूर्ण है?
जवाबः
- भारत में बच्चों की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है और इसलिए यह इस क्षेत्र (दक्षिण एशिया) और दुनिया भर में बच्चों के लिए प्रगति को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- भारत युवा शक्ति का एक केंद्र है और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में दुनिया में इसकी जबरदस्त भूमिका और क्षमता है।
- सात दशकों में भारत यूनिसेफ का एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है और यह अब भी बना हुआ है। यह यूनिसेफ में हमारे सबसे बड़े कार्यक्रमों वाले देश में से एक है। मैं भारत लौटने और यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि यूनिसेफ का कंट्री प्रोग्राम भारत सरकार के साथ साझेदारी में बच्चों का उत्थान कैसे कर रहा है।
- 2025 से 2055 तक, भारत एक अभूतपूर्व जनसांख्यिकीय लाभांश का गवाह बनेगा, जो युवाओं को शिक्षा और कौशल प्रदान करने का एक शानदार अवसर है, जिसमें एक अरब भारतीय कार्यबल में शामिल होंगे।
- भारत ने दुनिया के कुछ सबसे बड़े विकास कार्यक्रमों और सामाजिक योजनाओं को लागू किया है, इनमें यूनिसेफ एक मूल्यवान भागीदार है। स्वच्छ भारत, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं और दूरदराज के क्षेत्रों में बच्चों तक पहुंचने के लिए इनका दायरा बढ़ाया गया है।
- यूनिसेफ जलवायु परिवर्तन पर प्रधान मंत्री के दूरदर्शी मिशन के रूप में शुरू किए गए पहल LiFE का समर्थन कर रहा है।
- जी 20 की अध्यक्षता के जरिये, भारत सरकार बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा का नेतृत्व कर रही है। यूनिसेफ वैश्विक सतत विकास और बाल अधिकारों पर वार्ता का समर्थन कर रहा है।
- इसके अलावा, भारत ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण को अपनाया है। इसका लक्ष्य विशेष रूप से यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावी रूप से सबसे कमजोर आबादी, खासकर बच्चों तक पहुंच बनाकर उनका विकास हो।
सवाल- भारत में चल रही प्रमुख पहलों से आप क्या प्रमुख सीख लेकर जाएंगे?
जवाबः
- हम यहां भारत के अभिनव और स्केलेबल मॉडल से सीख ले रहे हैं जो सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में दूसरे देशों की सहायता कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, हम महिला और बाल विकास मंत्रालय के पोषण ट्रैकर ऐप से प्रभावित हैं, जो बच्चों के पोषण और कल्याण को बढ़ाने के लिए डिजिटल बदलावों का उपयोग करता है।
- हम भारत के उल्लेखनीय टीकाकरण प्रयासों की भी सराहना करते हैं, जिसे हाल ही में यूनिसेफ ग्लोबल स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन रिपोर्ट में भी मान्यता दी गई है।
- इसके अलावा, हम एम्पावर 20 और डब्ल्यू 20 के तहत महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, डीआरआर और जलवायु, शहरी और शहरी युवाओं पर केंद्रित विभिन्न ट्रैक व जुड़ाव समूहों की सहायता करके जी 20 की भारत की अध्यक्षता का समर्थन कर रहे हैं और सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
- हमारा दृढ़ विश्वास है कि भारत वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में युवा लोगों और बच्चों की शक्ति पर ध्यान केंद्रित कर सकता है, जिससे न केवल अगली अध्यक्षता को, बल्कि व्यापक बहुपक्षीय प्रणाली को भी लाभ होगा।
- सवालः भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, भारत के किशोरों और युवाओं के लिए इस विशाल क्षमता का क्या मतलब है?
- जवाबः मैं विशेष रूप से भारत के बच्चों और युवाओं की ऊर्जा और अपार क्षमता के बारे में उत्साहित हूं। उनमें भारत की प्रगति के पीछे सच्चे उत्प्रेरक होने की क्षमता है।
- ऐसे बदलाव में भागीदारी के लिए किशोरों और युवा लोगों के ग्रुप निर्माण करना, जो उन्हें चिंतित करते हैं काफी अहम हैं। मिशन LiFE में उनकी भागीदारी एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
- भारत की युवा आबादी एक अरब नागरिकों को इंटरनेट से जोड़ने के भारत के लक्ष्य के भीतर अच्छी तरह से फिट बैठती है, जिसमें एक महत्वपूर्ण संख्या युवा लोगों की है।
- यूनिसेफ इंडिया 'Yuwaah' की मेजबानी कर रहा है, जिसे विश्व स्तर पर जनरेशन अनलिमिटेड के रूप में जाना जाता है, यह यूनिसेफ की ओर से बनाया गया एक बहु-हितधारक मंच है, जो युवाओं को शिक्षा और सीखने से उत्पादक कार्य और सक्रिय नागरिकता में योदान के लिए तैयार करना चाहता है। Yuwaah भारत में युवाओं की शिक्षा, कौशल और रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं और भागीदारों के साथ काम कर रहा है।
सवालः सात दशकों में यूनिसेफ इंडिया ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सरकार के साथ मिलकर काम किया है। आप ऐसे कौन से हाइलाइट्स साझा कर सकते हैं, जो बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आए हैं?
जवाबः
- पिछले सात दशकों में, यूनिसेफ इंडिया ने बच्चों के लिए महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य सरकारों के साथ मिलकर सहयोग किया है। दुनिया के कुछ सबसे बड़े विकास कार्यक्रमों में एक भागीदार के रूप में यूनिसेफ शिक्षा, पोषण, बाल संरक्षण, बालिकाओं के सशक्तिकरण, स्वच्छ जल और स्वच्छता की पहल में शामिल रहा है।
- 1949 में, यूनिसेफ ने उपकरण और तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए अपनी पहली पेनिसिलिन उत्पादन सुविधा स्थापित करने में भारत की मदद की।
- 1970 के दशक के दौरान यूनिसेफ और भारत सरकार दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम को लागू करने के लिए साथ आए।
- 1980 में यूनिसेफ के समर्थन से मार्क II पंप के निर्माण का ग्रामीण जीवन पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ा है और इसे दुनिया भर में विभिन्न जल कार्यक्रमों में अपनाया गया है।
- 2020 के बाद से, यूनिसेफ इंडिया देश में सबसे व्यापक कोविड प्रतिक्रिया प्रयासों में से एक में सक्रिय रूप से लगा हुआ है। सबसे बड़े वैक्सीन अभियान के लिए सटीक सूचना प्रसार और समर्थन के माध्यम से, यूनिसेफ 660 मिलियन से अधिक बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंच गया है।
- पिछले एक साल में ही कोरोना महामारी से उबरने की कोशिशों में हमने भारत की मदद की है और उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं। हमने टीकाकरण और कोविड संवेदनशील व्यवहार संदेशों के साथ 35.8 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई है। इसके अतिरिक्त, 65 लाख बच्चों को स्कूल की तैयारी और प्रारंभिक वसूली कार्यक्रमों से लाभ हुआ है, जबकि 44 लाख लोगों ने घरेलू शौचालयों तक पहुंच प्राप्त की है। यूनिसेफ ने सरकार के ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम का समर्थन किया है, जो दो करोड़ लोगों को पानी की सेवाएं प्रदान करता है।
- भारत में हमारा काम खत्म नहीं हुआ है। एक वैश्विक संगठन के रूप में विजन हर बच्चे को हर जगह, जीवित, संपन्न, अच्छी तरह से पोषित, सीखने और उनकी वास्तविक क्षमता को पूरा करने के लिए सक्षम बनाने का है। हम उस विजन को हासिल करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
सवालः बच्चों की भलाई के लिए कौन सी साझेदारी और गठबंधन किए गए हैं?
जवाबः भारत सरकार के साथ मिलकर हमने अगले पांच साल के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। हम रोमांचित हैं कि महिला व बाल विकास मंत्रालय की ओर से समर्थित भारत सरकार-यूनिसेफ कंट्री प्रोग्राम दस्तावेज में 2027 के लिए ऐसे लक्ष्यों को रेखांकित किया गया है जो वैश्विक स्तर पर बाल विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखते हैं।
हमें अपने प्रयासों में अपने प्रमुख भागीदारों विशेष रूप से हमारे नोडल मंत्रालय महिला और बाल विकास मंत्रालय के साथ मंत्री स्मृति ईरानी के नेतृत्व में सहयोग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, जल शक्ति, पंचायती राज, शिक्षा, युवा मामले और खेल, सामाजिक न्याय व अधिकारिता, पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालयों के साथ-साथ नीति आयोग के साथ भी मिलकर काम करते हैं।