भारत कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की सूची में भले ही पांचवें स्थान पर है, लेकिन यह कोविड-19 के गंभीर मरीजों की संख्या में अमेरिका के पीछे खड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कोरोना के गंभीर स्थिति वाले मरीजों की संख्या 16,923 है। वहीं, भारत में यह संख्या 8,944 है।
दूसरी तरफ, ब्राजील कोरोना वायरस का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है, लेकिन यहां भी कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या भारत के मुकाबले कम है। ब्राजील में भारत के मुकाबले कोरोना संक्रमितों की संख्या तीन गुना है, लेकिन कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या 8,318 ही है। रूस में कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या भारत के मुकाबले एक-चौथाई है। स्पेन, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली में यह संख्या 1000 से कम है।
यह भी पढ़ें: नवंबर-दिसंबर में ही भारत पहुंच गया था कोविड-19 वायरस, वैज्ञानिकों ने किया दावा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि देश में कोविड-19 के पांच फीसदी से कम रोगियों को गहन देखभाल की आवश्यकता है। इनमें से, 2.25 फीसदी को आईसीयू में भर्ती किया गया और 1.91 फीसदी को ऑक्सीजन की आवश्यकता थी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि केवल कुछ लोगों को वेंटिलेटर की आवश्यकता थी। इनमें से ज्यादातर मरीज महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश के थे।
भारत में सोमवार को कोरोना के करीब 10,000 नए मामले दर्ज किए गए, इस तरह देश में संक्रमितों की संख्या 2.66 लाख के पार पहुंच गई। देश की वित्तीय राजधानी और वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई में, कुल मामलों में से अकेले 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं।
सोमवार का दिन कोविड-19 प्रकोप का सबसे घातक दिन रहा, राज्यों द्वारा जारी आंकड़ों के एक संकलन से पता चला कि 342 लोगों ने इस दिन अपनी जान गंवाई। इस तरह इस खतरनाक वायरस से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 7,476 हो गई।
सोमवार ऐसा दूसरा दिन रहा, जब मृतकों की संख्या 300 या 300 से अधिक रही। इससे पहले, शुक्रवार को राज्यों द्वारा जारी किए गए डाटा से पता चला कि, 300 लोगों की इस वायरस से मौत हुई।