भारत सरकार ने एक ओपनिंग नोट के साथ विजय माल्या के प्रत्यर्पण से संबंधित दस्तावेजों को उसके वकीलों की टीम को सोमवार को सौंप दिया। ब्रिटिश अदालत ने दस्तावेज सौंपने के लिए सोमवार तक का वक्त दिया था।
लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा लुइस आर्बथनॉट ने 6 जुलाई को इस मामले की आखिरी सुनवाई के दौरान दस्तावेज सौंपने की आखिरी तारीख 31 जुलाई को तय की थी। इसलिए सोमवार तक भारत की ओर से पैरवी कर रहे ब्रिटेन के क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) को माल्या की कानूनी टीम को विस्तृत ओपनिंग नोट सौंपना था।
61 वर्षीय भगोड़ा शराब कारोबारी माल्या भारत में 9 हजार करोड़ का बैंक कर्ज न चुकाने के मामले में आरोपी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सभी मामले सही दिशा में हैं। मामले की प्रगति का आकलन करने के लिए अगली सुनवाई 14 सितंबर को वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में होगी।
माल्या मार्च, 2016 से ही ब्रिटेन में रह रहा है। उसे 18 अप्रैल को प्रत्यर्पण वारंट पर स्कॉटलैंड यार्ड ने गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। सीपीएस की तरफ से मामले की प्रगति पर संतुष्ट होते हुए अदालत ने मामले की आखिरी सुनवाई 4 दिसंबर तय कर दी है।