एशिया प्रशांत क्षेत्र में ‘पेट्या’ रैंसमवेयर साइबर हमले से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला देश भारत है। सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर की कंपनी सिमंटेक ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया। इस साइबर हमले ने दुनियाभर के हजारों लोगों को अपना निशाना बनाया है। दुनियाभर में इस साइबर हमले से प्रभावित होने वाले देशों में भारत का स्थान 7वां है।
पेट्या से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों में यूक्रेन, अमेरिका और रूस हैं। वहीं कंपनियां और सरकारें इस हालिया साइबर हमले से हुए नुकसान का अनुमान लगा रही हैं। लॉजिस्टिक कंपनी फेडएक्स ने कहा कि साइबर हमले की वजह से इसके टीएनटी एक्सप्रेस सहायकों की डिलीवरी धीमी हो गई है।
अलाबामा बंदरगाह के एक अधिकारी जेम्स के ने बताया कि दानिश शिपिंग की दिग्गज कंपनी एपी मोलर-मर्स्क के बंदरगाह संचालक अभी भी परेशानी में हैं। इस हमले से सबसे अधिक प्रभावित यूक्रेन में अभी भी हमले की संभावना है। उसने कहा कि वह महत्वपूर्ण राज्य परिसंपत्तियों को सुरक्षित कर चुका है। हालांकि रोजमर्रा की जिंदगी अभी भी प्रभावित है जिसमें नकदी मशीन बंद हैं और एयरपोर्ट पर मैन्युअल तरीके से सूचनाएं दी जा रही हैं।
यूरोपीय संघ के सुरक्षा प्रमुख ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि ईयू को साइबर हमले के खिलाफ अपनी सुरक्षा को बढ़ाना चाहिए। वहीं सुरक्षा आयुक्त जुलियन किंग ने कहा कि ब्रसेल्स 14 ईयू देशों में से प्रत्येक को 1.2 करोड़ डॉलर देगा ताकि वो अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत कर सकें।
अपने सिस्टम को ऐसे बचाएं ‘पेट्या’ के प्रभाव से
इस हालिया साइबर हमले की जद में विश्व की कुछ दिग्गज कंपनियां आ गईं हैं। इनमें रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोसनेफ्ट, यूक्रेन का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, शिपिंग कंपनी एपी मोलर-मर्स्क और विज्ञापन की दिग्गज कंपनी डब्ल्यूपीपी शामिल हैं।
वहीं भारत में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) का एक टर्मिनल भी इससे प्रभावित हुआ है जबकि निजी बंदरगाह संचालक, एपीएम टर्मिनल्स पिपावाव आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि भारत सरकार ने पहले ही महत्वपूर्ण एजेंसियों को दिशानिर्देश जारी कर दिया था और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा कंपनियों ने चेतावनी दी है कि मल्टीपल तकनीक के प्रयोग के कारण पेट्या बहुत ही शक्तिशाली है। यह एक सिस्टम को प्रभावित करने के बाद ऑटोमैटिक तरीके से पूरे नेटवर्क में फैल जाता है।
उन्होंने कंपनियों को सलाह दी है कि अपने विंडोज सॉफ्टवेयर को अपडेट करें, सुरक्षा सॉल्युशन को चेक करें, बैक-अप को सुनिश्चित करने और रैंसमवेयर की पहचान करने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने ग्राहकों को सलाह दी है कि संदिग्ध इमेल को खोलने से बचें और अपने कंप्यूटर की सुरक्षा प्रणाली को लगातार अपडेट करते रहें।