भारत और जर्मनी के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौता (एसएसए) की पुष्टि कर दी गई है। यह समझौता इस साल एक मई से लागू हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इससे दोनों देशों के बीच ज्यादा से ज्यादा निवेश प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
सामाजिक सुरक्षा समझौता 2008 सामाजिक बीमा संधि के प्रावधानों को एकीकृत करेगा। इसमें दोनों देशों के श्रमिकों को दोनों में से किसी भी देश में सामाजिक सुरक्षा योगदान करने की छूट होगी। वे लंबे से समय से अपने संबंध देशों में इस तरह की योगदान करते रहे थे। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इसके तहत पूर्व में 2008 में किए गए समझौते को आसान बनाया गया है।
दोनों देशों के अधिकारियों ने शुक्रवार को इस समझौते की नई रूपरेखा का आदान-प्रदान किया। गौरतलब है कि अब तक भारत ने ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, जापान, लेक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नार्वे, पुर्तगाल, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और दक्षिण कोरिया समेत 18 देशों के साथ द्विपक्षीस सामाजिक सुरक्षा करार किए हैं और उन्हें प्रचालित किया है।