चुनाव प्रचार के दौरान कथित बयानबाजी से धार्मिक भावनाएं भड़काने को चुनाव आयोग ने एक खराब ट्रेंड बताया है। आयोग ने कहा कि राजनेता बयानबाजी करते समय खुद पर अंकुश रखें। सभी मान्यता प्राप्त दलों को लिखे एक पत्र में चुनाव आयोग ने सलाह दी है कि नेता चुनाव प्रचार के दौरान खुद पर अंकुश लगाएं।
आयोग ने कहा कि पिछले दिशानिर्देशों का अपेक्षित परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। प्रचार के दौरान नेता भड़काऊ भाषण दे रहे हैं और राजनीति में धर्म को मिला कर बयानबाजी करते हैं।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि कई बार बयान ऐसी जगह से दिए गए, जहां आचार संहिता लागू नहीं है। लेकिन इलेक्टॉनिक युग में कोई भी बात तुरंत यहां से वहां पहुंच जाती है। ऐसे में चुनाव क्षेत्र में भी किसी टिप्पणी का असर पड़ता है।