नई दिल्ली में भारत-जर्मनी हाई डिफेंस कमेटी की बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सैन्य सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। जर्मनी 2026 के तरंग शक्ति और मिलन अभ्यासों में हिस्सा लेगा। इसी दिन भारतीय सेना के इंजीनियर्स कॉर्प्स ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर 245वां कॉर्प्स डे मनाया।
नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-जर्मनी हाई डिफेंस कमेटी की अहम बैठक के साथ-साथ भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स ने अपना 245वां कॉर्प्स डे मनाया। एक ओर जहां भारत और जर्मनी ने रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़े फैसले लिए, वहीं दूसरी ओर इंजीनियर्स कॉर्प्स ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को नमन कर सेना की तकनीकी और युद्धक क्षमता को नई ऊंचाई देने का संकल्प दोहराया। दोनों घटनाओं ने भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य मजबूती के बढ़ते दायरे को रेखांकित किया।
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रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और जर्मन रक्षा मंत्रालय के स्टेट सेक्रेटरी जेंस प्लॉटनर ने बैठक में रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन को प्राथमिकता दी। दोनों देशों ने सैन्य से सैन्य सहयोग बढ़ाने और इसे रणनीतिक साझेदारी का मजबूत स्तंभ बनाने पर सहमति जताई। इसी दौरान दिल्ली में इंजीनियर्स कॉर्प्स ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा में अपने योगदान की याद ताजा की। दिन में बाद में मानेकशॉ सेंटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इंजीनियर अधिकारियों और यूनिट्स को सम्मानित किया गया।
रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की और भविष्य में सैन्य अभ्यासों तथा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। जर्मनी ने घोषणा की कि वह 2026 में होने वाले तरंग शक्ति (बहुराष्ट्रीय वायु युद्धाभ्यास) और मिलन (बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास) में हिस्सा लेगा। यह सहयोग भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा तथा उच्च तकनीक आधारित सैन्य प्रणाली विकसित करने में मदद करेगा।
तकनीकी सहयोग को गति
दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर बल दिया, खासकर विशेष तकनीकी क्षेत्रों में। यह साझेदारी भारत की स्वदेशी क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ यूरोपीय रक्षा ज्ञान और अनुभव से भी जोड़ने वाली होगी। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आधुनिक युद्धक जरूरतों को देखते हुए उन्नत तकनीक और संयुक्त उत्पादन ही भविष्य का रास्ता है।
बलिदान को भी सलाम
इंजीनियर्स कॉर्प्स ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इंजीनियर-इन-चीफ ने सेना के वर्तमान और पूर्व सैनिकों के साथ मिलकर उन जांबाजों को नमन किया, जिनके बलिदान ने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा। इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में तकनीकी उत्कृष्टता, प्रोफेशनल उपलब्धि, एडवेंचर और स्पोर्ट्स में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली यूनिट्स को सम्मानित किया गया। यह आयोजन कॉर्प्स की उच्च मानकों और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।