लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल्ल पटेल
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लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को कहा कि मालदीव के तीन उपमंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों ने भारत की गरिमा को चुनौती दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत ऐसा अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने पीएम मोदी के साथ एकजुटता से खड़े होने के लिए भारत के लोगों को धन्यवाद दिया।
मालदीव सरकार से सार्वजनिक माफी की मांग के बारे में पूछे जाने पर पटेल ने कहा कि टिप्पणी करने वाले मंत्री नप चुके हैं। प्रशासक ने कहा कि मंत्रियों को उनके कार्यों के लिए दंडित किया गया है, इससे पता चलता है कि भारत अपने प्रधानमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारत ने दिया करारा जवाब
प्रशासक पटेल ने कहा कि फिल्मी हस्तियों से लेकर आम नागरिकों तक ने एकजुटता से खड़े होकर मालदीव को करारा जवाब दिया है। मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महजूम माजिद को प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी विवादास्पद टिप्पणियों के बाद माले द्वारा निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश की अपनी यात्रा की तस्वीरें साझा की थीं।
बड़े पैमाने पर ट्रेंड करने लगा बॉयकॉट मालदीव्स
इस टिप्पणी से बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया और सोशल मीडिया पर 'बॉयकॉट मालदीव्स' ट्रेंड करने लगा। EaseMyTrip ने देश के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए मालदीव की सभी उड़ान बुकिंग रद्द करने का फैसला किया।
मोहम्मद मुइज्जू सरकार की यह कार्रवाई नई दिल्ली द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद आई थी कि मंत्रियों की टिप्पणियां अनावश्यक और अस्वीकार्य थीं। मालदीव सरकार ने एक बयान जारी कर मंत्रियों द्वारा की गई टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए उन्हें 'व्यक्तिगत राय' बताया था।
तीनों मंत्रियों को किया जाना चाहिए बर्खास्त
मालदीव के उच्चायुक्त इब्राहिम शाहीब को सोमवार को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था। उन्हें बताया गया कि चूंकि द्वीप राष्ट्र ने द्विपक्षीय संबंध खराब कर दिए हैं, इसलिए इसे सुधारना मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू पर निर्भर है। उनसे कहा गया कि तीन कनिष्ठ मंत्रियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए, न कि सिर्फ निलंबित किया जाना चाहिए।