अदाणी समूह ने तमिलनाडु ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में करोड़ों के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उद्योग मंत्री टीआरबी राजा, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के प्रबंध निदेशक करण अदाणी और केबिनेट मंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बता दें, तमिलनाडु में 7-8 जनवरी को इनवेस्टर्स मीट-2024 आयोजित की गई थी।
हाइपरस्केल डेटा सेंटर में करोड़ों का निवेश करेगा अदाणी समूह
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड राज्य की तीन पंप भंडारण परियोजनाओं में अगले 5-7 वर्षों में 24,500 करोड़ का सबसे बड़ा निवेश करेगी। इसके अलावा, अदाणी कॉनेक्स अगले सात वर्षों में हाइपरस्केल डेटा सेंटर में 13,200 करोड़ का निवेश करेगा। अदाणी टोटल गैस लिमिटेड आठ वर्षों में 1568 करोड़ का निवेश करेगा। वहीं, अंबुजा सीमेंट्स अगले पांच वर्षों में तीन सीमेंट ग्राइंटिंग प्लांट में 3500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
करण अदाणी ने की राज्य की तारीफ
एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद करण अदाणी ने कहा कि आज तमिलनाडु स्थिरता, औद्योगिक परिस्थितिकी तंत्र, उच्च बुनियादी ढांचे सहित अन्य सुविधाओं और व्यापार अनुकूल नीतियों का उदाहरण है। देश में अन्य राज्यों के मुकाबले तमिलनाडु में बेहतर महिला कार्यबल है। तमिलनाडु में अदाणी समूह बंदरगाह, रसद, खाद्य तेल, बिजली पारेषण, गैस वितरण, डेटा केंद्र, हरित ऊर्जा और सीमेंट विनिर्माण सहित कई क्षेत्रों में मौजूद है। विज्ञप्ति के अनुसार, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन वर्तमान में तमिलनाडु के कट्टुपल्ली और एन्नोर बंदरगाहों का संचालन कर रही है। दोनों बंदरगाह राज्य की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।
राजन बोले- सेवा क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करना चाहिए
एक दिन पहले, मीट में आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए रविवार को पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा था कि भारत के विकास कहानी में सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों की समान और महत्वपूर्ण भूमिका है। सेवा क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। विनिर्माण को अधिक सब्सिडी ने दें और यह बिल्कुल ने सोचें कि यही विकास का एकमात्र हिस्सा है। सेवाएं भी विकास की कहानी में बड़ा हिस्सा रखती हैं। राज्य में पर्यटन के बारे में विचार किया जाना चाहिए। हमें देखना चाहिए कि पर्यटन उद्योग के माध्यम से कितनी नौकरियां और रोजगार पैदा किया जा सकता है। पर्यटन उद्योंग में कम और अर्ध-कुशल नौकरियां पैदा करने के तमाम अवसर हैं।