नई दिल्ली में फ्रेंच एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (जीआईएफएएस) के सम्मेलन में माथौ ने कहा कि भारत में फ्रांसीसी निर्यात का 55 प्रतिशत वैमानिकी क्षेत्र में है। यह 2024 की पहली छमाही में 2.7 बिलियन यूरो है।
भारत और फ्रांस मिलकर एयरोनॉटिक्स क्लस्टर स्थापित करेंगे। इसके साथ ही वैमानिक और अंतरिक्ष में पेशेवर प्रशिक्षण के लिए एक इंडो-फ्रेंच परिसर विकसित करेंगे। भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ ने कहा कि दोनों देश लंबे समय से रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार रहे हैं।
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नई दिल्ली में फ्रेंच एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (जीआईएफएएस) के सम्मेलन में माथौ ने कहा कि भारत में फ्रांसीसी निर्यात का 55 प्रतिशत वैमानिकी क्षेत्र में है। यह 2024 की पहली छमाही में 2.7 बिलियन यूरो है। हमारी साझेदारी न केवल रणनीतिक बल्कि सार्वभौमिक है।
उन्होंने कहा कि वे वर्तमान में वैमानिकी और अंतरिक्ष में पेशेवर प्रशिक्षण के लिए एक इंडो-फ़्रेंच परिसर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा हम एयरोनॉटिक्स क्लस्टर स्थापित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ भी काम कर रहे हैं।
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राजदूत के अनुसार फ्रांस परिवहन को कार्बन मुक्त करने और सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) विकसित करने के भारत के लक्ष्य का समर्थन करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि भारत और फ्रांस एक मजबूत एसएएफ आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। राजदूत ने कहा कि हमारी साझेदारी सचमुच समुद्र तल से बाहरी अंतरिक्ष तक जाती है।
एयरबस के सीईओ गुइलाउम फाउरी ने कहा कि विमान निर्माता भारत से घटकों की सोर्सिंग बढ़ाएंगे। सोमवार को जीआईएफएएस और उद्योग निकाय फिक्की के बीच एक एमओयू भी हुआ।