भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करते हुए स्काल्प क्रूज मिसाइलों की बड़ी डील पर बातचीत चल रही है। यह सौदा करीब 3200 करोड़ रुपये (300 मिलियन यूरो) का हो सकता है, जिसे जल्द अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) फ्रांस से स्काल्प क्रूज मिसाइलों की बड़ी खेप खरीदने की तैयारी में है। इन मिसाइलों ने बीते वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी मारक क्षमता साबित की थी।
राफेल बनेगा IAF की रीढ़
भारतीय वायुसेना अपने राफेल बेड़े के साथ स्काल्प क्रूज मिसाइलों को तैनात करेगी। इसके साथ ही आईएएफ मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइलों की भी बड़ी खरीद की प्रक्रिया में है। स्काल्प और मेटियोर मिसाइलों को भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन विमानों में भी शामिल किया जाएगा, जिनकी डिलीवरी अगले 3-4 वर्षों में होने की उम्मीद है।
114 और राफेल खरीदने की तैयारी
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों के शानदार प्रदर्शन और क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए, भारतीय वायुसेना 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की योजना बना रही है। यह प्रस्ताव जल्द ही डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल से मंजूरी पा सकता है। आने वाले 10-15 वर्षों में भारतीय वायुसेना के पास करीब 200 राफेल विमान हो सकते हैं, जिससे यह फाइटर जेट वायुसेना की मुख्य ताकत बन जाएगा।
मैक्रों के भारत दौरे से पहले बन सकती है सहमति
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 18 से 20 फरवरी के प्रस्तावित भारत दौरे से पहले रक्षा क्षेत्र से जुड़े एक अहम निर्णय पर अंतिम सहमति बनने की संभावना है। मैक्रों इस दौरान भारत में आयोजित होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में भाग लेने के लिए आ रहे हैं और माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर में दिखीं थी SCALP की ताकत
भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमानों से स्काल्प और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को दागकर पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। हमले बेहद सटीक थे और लक्ष्य पूरी तरह ध्वस्त हुए। इसके बाद 6-7 मई की रात को वायुसेना ने इन्हीं मिसाइलों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान वायुसेना के ठिकानों पर भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। इस दौरान पाकिस्तान के 12 प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाया गया और कई फाइटर जेट व जासूसी विमान जमीन पर ही तबाह कर दिए गए।