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India First Underwater Tunnel: पानी के अंदर से गुजरेगी कोलकाता मेट्रो, 520 मीटर की सुरंग सेकंडों में करेगी पार

Fri, 30 Dec 2022 11:16 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भारत की पहली अंडरवाटर मेट्रो सुरंग का निर्माण कोलकाता के ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के हिस्से के रूप में किया जाएगा। सुरंग के बनने के बाद पानी के अंदर 520 मीटर की दूरी को कोलकाता मेट्रो महज 45 सेकंड में ही तय करेगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Twitter/Piyush Goyal
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के अंदर से भारत की पहली अंडरवाटर सुरंग बनाई जा रही है। इसका निर्माण कोलकाता के ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के हिस्से के रूप में किया जा रहा है। इसकी लागत लगभग 120 करोड़ रुपये आएगी। सुरंग के बनने के बाद पानी के अंदर 520 मीटर की दूरी को मेट्रो महज 45 सेकंड में ही तय करेगी। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (KMRC) ने शुक्रवार बताया कि भारत की पहली अंडरवाटर सुरंग दिसंबर 2023 तक पूरी हो सकती है।

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केएमआरसी के महाप्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि कोलकाता मेट्रो को देश की पहली मेट्रो रेल बनाने का गौरव हासिल होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोलकाता मेट्रो का विस्तार पूरे शहर और इसके बाहरी इलाकों में किया जा रहा है। हुगली नदी में पानी के नीचे मेट्रो रेल सेवा कोलकाता और हावड़ा शहरों को जोड़ेगी।

लंदन-पेरिस कॉरिडोर की तर्ज पर सुरंग का निर्माण
उन्होंने कहा कि इस सुरंग का निर्माण यूरोप में लंदन-पेरिस कॉरिडोर की तर्ज पर किया जा रहा है। यह सुरंग नदी के तल से 13 मीटर और जमीन के स्तर से 33 मीटर नीचे है। भारत में बन रही यह सुरंग साल्ट लेक के आईटी हब सेक्टर 5 को हावड़ा मैदान के पूर्वी हिस्से से जोड़ेगी। सुरंग का आंतरिक व्यास 5.55 मीटर और बाहरी व्यास 6.1 मीटर होगा। अप और डाउन टनल के बीच की केंद्र से दूरी 16.1 मीटर होगी।
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उन्होंने कहा कि सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। कॉरिडोर पर एस्प्लेनेड और सियालदह के बीच 2.5 किलोमीटर की दूरी पर कार्य समाप्त होने के बाद इसके अगले साल दिसंबर तक चालू होने की संभावना है। यह सुरंग ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का सबसे प्रमुख भाग है।

हावड़ा-सियालदाह तक यातायात होगा सुगम
कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक (सिविल) शैलेश कुमार ने कहा, नदी के नीचे सुरंग के दोनों छोरों के एलाइनमेंट के मिलान केवल आवासीय क्षेत्रों और अन्य तकनीकी समस्याओं को सुलझाने के बाद ही संभव हो सकता है। हावड़ा और सियालदह के बीच यह मेट्रो मार्ग सड़क मार्ग से लगने वाले 1.5 घंटे के मुकाबले समय को 40 मिनट तक कम कर देगा। इससे दोनों सिरों पर ट्रैफिक जाम में भी कमी आएगी।

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