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India-EU FTA Talks: 27 जनवरी को एफटीए वार्ता के समापन की घोषणा करेंगे भारत और यूरोपीय संघ, 18 साल चली बातचीत

Sun, 25 Jan 2026 03:57 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

India-EU FTA Talks: भारत और यूरोपीय संघ 27 जनवरी को मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी बातचीत के समापन की घोषणा करेंगे। वैश्विक व्यापार में अमेरिका के टैरिफ से पैदा हुई अनिश्चितता के बीच यह एफटीए दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा। समझौते के तहत अधिकतर वस्तुओं पर टैरिफ में कटौती होगी, जबकि संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। पढ़ें रिपोर्ट-
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भारत और यूरोपीय संघ। (प्रतीकात्मक तस्वीर)) - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) 27 जनवरी को मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी वार्ता को पूरा करने और इसे अंतिम रूप देने की घोषणा करने वाले हैं। यह समझौता ऐस समय में किया जा रहा है, जब अमेरिका के टैरिफ के कारण वैश्विक में बाधाएं आई हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। 
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एफटीए समझौते पर बातचीत को अंतिम रूप देने में लगे 18 साल
करीब 18 साल बाद इस समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंची है। इस पर बातचीत की शुरुआत साल 2007 में हुई ती। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस एफटीए को अब तक देश की ओर से किया गया सबसे बड़ा समझौता करार दिया है। अधिकारी ने कहा, इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा दिल्ली में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में की जाएगी। 

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चार दिन के भारत दौरे पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष लेयेन
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 24 जनवरी यानी शनिवार को चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचीं। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगे। भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ के बीच इस हफ्ते एफटीए वार्ता समाप्त होने की घोषणा की जाएगी। लेकिन कानूनी जांच के बाद किसी आपसी सहमति वाली तारीख पर इस पर हस्ताक्षर कर किया जाएगा। इस समझौते के लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन इसके लिए यूरोपीय संसद की मंजूरी जरूरी होगी। भारत में इसके लिए केवल केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी की जरूरत होती है। 
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समझौता होने से किन वस्तुओं पर कम होगा टैरिफ?
इस तरह के समझौतों में दोनों पक्ष आपस में जिन सामानों का व्यापार करते हैं, उनमें आयात शुल्क (टैरिफ) 90 फीसदी से कम करते हैं या खत्म कर देते हैं। श्रम आधारित क्षेत्रों के उत्पादों (जैसे कपड़ा और जूते-चप्पल) पर समझौता लागू होते ही पहले दिन से टैरिफ खत्म कर दिया जाता है। कुछ अन्य वस्तुओं पर टैरिफ पांच, सात या 10 साल में चरणबद्ध तरीके से घटाया या खत्म किया जाता है। इसके अलावा, शराब और ऑटोमोबाइल जैसे कुछ क्षेत्रों के लिए कोटा आधारित बाजार पहुंच दी जाती है, जैसा कि ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ हुए समझौतों में है। वहीं, छोटे और सीमांत किसानों की सुरक्षा के लिए कुछ कृषि उत्पादों जैसे संवेदनशील वस्तुओं पर टैरिफ में कोई कटौती नहीं की जाती।
 
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