इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड की आधिकारिक भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खोल दिए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करना था। विदेश मंत्री ने भारत की प्रगति, विशेषकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।
स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग
अपनी यात्रा के दौरान, सोमरफेल्ड ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली का दौरा किया। वहां उन्होंने जन औषधि केंद्र की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा। उन्होंने भारत के इस मॉडल की प्रशंसा की। यह जन औषधि केंद्र आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराता है। इक्वाडोर की विदेश मंत्री ने कहा कि हम अपने देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इसी तरह का सिस्टम लागू करने पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही, दोनों देशों ने चिकित्सा उत्पादों के विनियामक सहयोग और भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देने पर चर्चा की। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी सहमति बनी है।
आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी
विदेश मंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से आयोजित एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय निवेशकों को इक्वाडोर में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की बात कही। भारत और इक्वाडोर के बीच व्यापार को और सुगम बनाने के लिए आर्थिक साझेदारी समझौतों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में समुद्री सुरक्षा, रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान, सोमरफेल्ड ने भारत के डिजिटल इंडिया अभियान की सफलता को सराहा। उन्होंने कहा कि इक्वाडोर भारत की डिजिटल उपलब्धियों से सीखना चाहता है।
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व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर हुई चर्चा
व्यापारिक मोर्चे पर इस यात्रा के परिणाम काफी सकारात्मक रहे हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और गैब्रिएला सोमरफेल्ड ने दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर विस्तार से चर्चा की। इक्वाडोर ने विशेष रूप से अपने प्रमुख निर्यात उत्पादों जैसे केला, कोको और झींगा के लिए भारतीय बाजार में बेहतर अवसर तलाशने पर जोर दिया। दूसरी ओर, भारत ने इक्वाडोर के ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में निवेश की रुचि दिखाई है।
इक्वाडोर को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराएगा भारत
बता दें कि भारत ने इक्वाडोर को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस सहयोग से इक्वाडोर की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, दोनों देशों ने जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान में संयुक्त प्रयासों पर भी चर्चा की।
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