भारत और पाकिस्तान के नई दिल्ली और इस्लामाबाद में स्थित उच्चायोग के कर्मियों के जासूसी में लिप्त होने के दावे को लेकर चल रहे तनाव के बीच सरकार ने पाक मीडिया में उच्चायुक्त बुलाने की योजना वाली रिपोर्ट को बकवास बताया है। सरकारी सूत्रों ने पाकिस्तानी समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत और पाकिस्तान अल्पकाल के लिए अपने-अपने उच्चायुक्तों को वापस बुलाने के साथ अपने-अपने मिशन का आकार छोटा करने की योजना बना रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से कयास पर आधारित और बकवास है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ने नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग के छह राजनयिकों और कर्मचारियों को वापस बुला लिया है।
माना जा रहा है कि भारत भी इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से आठ राजनयिकों और कर्मियों को वापस बुलाएगा। इससे पहले भारत ने जासूसी के आरोप में पाक उच्चायोग के एक राजनयिक महमूद अख्तर को देश से निकाल दिया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी एक भारतीय राजनयिक को स्वदेश भेज दिया था।