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पश्चिम एशिया संघर्ष: 'UAE में संकट के बावजूद भारतीयों का पलायन नहीं', पूर्व राजदूत ने पाकिस्तान पर उठाए सवाल

Sun, 05 Apr 2026 11:46 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या पाकिस्तान सच में मध्यस्थ था या सिर्फ संदेशवाहक? पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने इंटरव्यू में पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान की असली भूमिका को बेपर्दा किया।
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पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर (जिन्होंने यूएई में भारत का प्रतिनिधित्व किया) ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान भारत की कूटनीतिक रणनीति और क्षेत्रीय घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका, यूएई की रक्षा प्रणाली और भारत पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव पर भी अपने विचार साझा किए।

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सरकार ने समाधान निकालने की रणनीति बनाई
सुधीर ने कहा 'यह युद्ध ऐसा है जिससे भारत का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन इसके प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है। जिनके लिए यह युद्ध है, उन्होंने किसी से सलाह नहीं ली, न ही NATO या अपने अन्य सहयोगियों से। यह हमारे लिए सहायक नुकसान साबित हुआ। लेकिन 27 फरवरी के बाद भारत की कूटनीति को देखें तो प्रधानमंत्री ने सभी स्तरों के नेताओं से संपर्क किया। इसका परिणाम यह रहा कि कई एलपीजी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करवा पाने में सफलता मिली। यह सिर्फ सक्रिय नहीं बल्कि परिणामोन्मुखी रणनीति थी।'
 

पश्चिम एशिया संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सुधीर ने कहा सरकार ने अगले साल के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 1% कम कर दिया है। मुद्रास्फीति लगभग 1.5% बढ़ सकती है। हाल ही में सरकार ने लगभग 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क माफ किया है। अच्छी बात यह है कि सरकार ने पूरे मंत्रालयों के सहयोग से इसका समाधान निकालने की रणनीति बनाई है।

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पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह
जब संजय सुधीर से पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा 'कल तक पाकिस्तान यह दावा कर रहा था कि वह मध्यस्थ है। असल में वह मध्यस्थ नहीं बल्कि अधिकतम एक संदेशवाहक था। ईरान ने इस भ्रामक दावे को स्पष्ट कर दिया।' यूएई द्वारा पाकिस्तान से $3.5 बिलियन का ऋण इस महीने लौटाने को लेकर उन्होंने कहा यूएई हमेशा पाकिस्तान के प्रति ऋण चुकौती में समझदार रहा है। लेकिन एक सीमा होती है। अब वह समय आ गया है जब ऋण चुकाना जरूरी है। यह पाकिस्तान की भूमिका पर भी संकेत देता है।

सुधीर ने यूएई की रक्षा प्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा ईरान ने यूएई पर इस्राइल की तुलना में अधिक मिसाइलें और ड्रोन भेजे, लेकिन यूएई की रक्षा प्रणाली इतनी मजबूत है कि जो नुकसान हुआ वह केवल मलबे से था, मिसाइलों से नहीं। देश को इसके लिए पूरा श्रेय देना चाहिए।

UAE में संकट के बीच भारतीयों का पलायन नहीं
पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी में चल रहे संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारतीयों के बड़े पैमाने पर देश लौटने का कोई व्यापक रुझान दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोग वापस पारंपरिक कारणों जैसे पारिवारिक वजहों से आते हैं, लेकिन बड़े स्तर पर पलायन जैसा कोई ट्रेंड नहीं है। 

संजय सुधीर ने यूएई की मजबूत अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा 'UAE एक सुदृढ़ और लचीली अर्थव्यवस्था है, इसलिए लोगों पर लौटने का कोई दबाव नहीं रहा।' उन्होंने यह भी कहा कि कोविड‑19 महामारी के दौरान भी बड़े पैमाने पर भारतीय वापसी नहीं देखी गई थी।  उन्होंने कहा लोग परिवार और अन्य व्यक्तिगत कारणों से भारत आते हैं और फिर वापस चले जाते हैं। हमने देश छोड़कर भागने जैसा कोई व्यवहार नहीं देखा।'
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