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चीन के दावे को भारत ने किया खारिज, कहा-नहीं हटाए डोकलाम सीमा से सैनिक

Thu, 03 Aug 2017 09:22 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
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- फोटो : pti
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डोकलाम को लेकर चीन के किए दावों से भारत ने इनकार किया है। चीन ने दावा किया था कि भारत से डोकलाम सीमा से अपने सैनिक वापस बुला लिए हैं। डोकलाम सीमा पर भारतीय सैनिकों की संख्या कम हो गई है। सूत्रों की माने तो भारत सरकार ने चीन के इस दावे से इनकार किया है। 
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गौरलतब है कि चीन ने बुधवार को 15 पन्नों का एक बयान जारी किया था। जिसमें उसने कहा था कि उसने भारत को अपने इस दृढ़ रुख की सूचना दे दी है। साथ ही उसने कहा था कि मौजूदा गतिरोध खत्म करने के लिए उसे ‘बिना किसी शर्त के’ डोकलाम से अपनी सेना तत्काल हटानी होगी।

चीन ने यह भी कहा था कि एक समय भारत ने 400 से ज्यादा सैनिक सीमा पर तैनात किए थे, लेकिन बीते दिनों विवाद बढ़ने के बाद उसने अपनी सैनिक वापस बुला लिए हैं। जुलाई के अंत तक डोकलाम सीमा पर केवल 40 भारतीय सैनिक ही बचे हैं।
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वहीं भारत ने इस आरोपों को खारिज किया है। भारत का कहना है कि इस वक्त सीमा पर उतने ही तैनात है जितने पहले थे। 
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चीन ने दी थी 15 पन्नों की चेतावनी

भारत-चीन
गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्रालय ने पीटीआई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जेइची के बीच 28 जुलाई को हुई मुलाकात का पहली बार ब्योरा देते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों ने ब्रिक्स सहयोग, द्विपक्षीय रिश्तों और प्रासंगिक प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की थी।

डोभाल ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साझे मंच ब्रिक्स में हिस्सा लेने के लिए पिछले महीने बीजिंग गए थे। डोभाल और यांग दोनों भारत और चीन के बीच सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि भी हैं।

चीन के विदेश मंत्रालय ने डोकलाम से संबंधित गतिरोध पर दोनों देशों के बीच चर्चा के बारे में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि यांग ने डोभाल से ‘उनके आग्रह पर और तौर-तरीके के अनुरूप’ द्विपक्षीय मुलाकात की। बता दें कि डोकलाम पर गतिरोध तब शुरू हुआ जब चीन ने उस इलाके में सड़क बनाना शुरू किया।

चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि डोभाल और यांग के बीच वार्ता के दौरान कोई प्रमुख प्रगति नहीं हुई। मंत्रालय ने कहा, ‘यांग चेइची ने चीन-भारत सीमा के सिक्किम खंड पर चीन की सरजमीन में भारतीय सीमा बल के अतिक्रमण पर चीन के कठोर रूख और सुस्पष्ट अनिवार्यता जताई।’

इस मुद्दे पर भारत का रूख पिछले माह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्पष्ट किया था। उन्होंने सीमा पर गतिरोध के शांतिपूर्ण समाधान की हिमायत करते हुए कहा था कि इसपर किसी वार्ता के शुरू करने के लिए पहले दोनों पक्षों को अपनी-अपनी सेनाए हटानी चाहिए।
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