पहलगाम हमले के बाद शुरू किया गया 'ऑपरेशन सिंदूर'
यह ऑपरेशन भारत ने 7 मई को शुरू किया था। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में यह अभियान शुरू किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों तो इस हमले के तार पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान की सेना से जुड़े हुए मिले थे।
एयर मार्शल एके भारती ने क्या कहा
एयर वाइस मार्शल ए. के. भारती ने कहा, हमारा लक्ष्य आतंकी थे, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने आतंकवादियों का साथ दिया और इसे अपनी लड़ाई बना ली। इसलिए पाकिस्तान को होने वाले नुकसान का वो खुद जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, हमारी लड़ाई आतंकी ठिकानों और आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तान सेना ने आतंकवादियों का समर्थन करना चुना और संघर्ष को बढ़ाया। पाकिस्तानी सैन्य हमलों को एकीकृत वायु कमान और कंट्रोल ने नाकाम कर दिया।
उन्होंने कहा, भारत की युद्ध में आजमाई हुई प्रणाली ने समय की कसौटी पर खरा उतरते हुए दुश्मन का डटकर सामना किया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में बनी वायु रक्षा प्रणाली 'आकाश' ने इस ऑपरेशन में शानदार काम किया। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार की ओर से जारी किए गए बजट और नीतिगत मदद से इस तरह की ताकत तैयार हो पाई है।
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ऑपरेशन सिंदूर करीब 25 मिनट चला और इसे 7 मई की सुबह अंजाम दिया गया। इस मिशन के तहत भारत ने कुल 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए, जिनमें 4 पाकिस्तान के अंदर और 5 पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, इस अभियान में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के कई अड्डों को तबाह किया गया।
भारतीय हमलों के जवाब में पाकिस्तान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की लहर शुरू की। इन हमलों में भारत के सैन्य ठिकाने और सीमावर्ती कस्बों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, जो जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में स्थित हैं। इन हमलों के चलते चंडीगढ़, जैसलमेर और पठानकोट जैसे कई शहरों में सायरन बजाए गए और ब्लैकआउट किया गया। भारत ने बताया कि उधमपुर, आदमपुर, पठानकोट और भुज में स्थित कुछ सैन्य ठिकानों को मामूली नुकसान हुआ है। पंजाब के फिरोजपुर में कुछ आम नागरिक घायल हुए हैं और जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एक सरकारी कर्मचारी की ड्रोन हमले में मौत हो गई है।
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एयर वाइस मार्शल ए.के. भारती ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से भेजे गए कई ड्रोन और मानवरहित लड़ाकू वाहनों (यूसीएवी) को भारत में ही बनाए गए सॉफ्ट और हार्ड किल टेक्नोलॉजी वाले काउंटर-यूएएस सिस्टम और अच्छी तरह प्रशिक्षित वायु रक्षा कर्मचारियों ने सफलतापूर्वक नाकाम किया।
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