रोहिंग्या मामले पर संयुक्त राष्ट्र की आलोचना के जवाब में भारत ने 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा दिया है। आपको बता दें कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या और रोहिंग्या मामले पर यूएन ने भारत की आलोचना की थी।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भारत ने कहा है कि बीते दिनों में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों की सुरक्षा का मसला तेजी से बढ़ा है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि ने इशारों में पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि अफसोस की बात है कि आतंक के केंद्र की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है। रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर भारत ने कहा कि वह अवैध प्रवासियों से चिंतित है।
भारत ने रोहिंग्या मुसलमानों के अवैध तौर से रहने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। यूएन में भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि अवैध प्रवासियों के कारण सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत ने कहा कि मानवाधिकारों का आंकलन राजनीतिक सुविधाओं के लिए नहीं होना चाहिए।
पार्लियामेंट मिशन ऑफ इंडिया के पहले सचिव सुमित सेठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान द्वारा लोकतांत्रिक विकल्प का खंडन करने के प्रयासों को अस्वीकार करते हैं जिसे जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा नियमित रूप से प्रयोग किया जाता है।
पाक एक ऐसा देश है जिसने अपने स्वयं के नागरिकों के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया, जिसमें बलूचिस्तान के लोग भी शामिल हैं। सेठ ने कहा कि भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर में वर्तमान में जो स्थिति है वह पाकिस्तान के आतंकवाद का परिणाम है।