सीमा मुद्दा भारत-चीन संबंधों का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं करता : चीन
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने आपसी भरोसा बढ़ाने और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत-चीन को सात काम करने की उम्मीद जताई। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा मुद्दा दोनों देशों के बीच सभी तरह के रिश्तों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। लिजियन ने कहा, दोनों देशों के बीच रिश्ते परिपक्व और बहुआयामी हैं। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध सही रास्ते पर आगे बढ़ेंगे ताकि दोनों को अधिक लाभ पहुंचे। उन्होंने पुष्टि की कि सीमा मुद्दों को हल करने के लिए 11 मार्च को कोर कमांडर स्तर की बैठक के 15वें दौर की बातचीत होगी।
भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में अविश्वसनीय गति
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान पेंटागन के शीर्ष अधिकारी और सहायक रक्षामंत्री एली रैटनर ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में अविश्वसनीय गति है। उन्होंने कहा, दोनों देशों में बहुप्रतीक्षित टू प्लस टू वार्ता अप्रैल में वाशिंगटन में शुरू होगी। यह मंत्रिस्तरीय संवाद दोनों पक्षों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच होता है। इससे पहले यह बैठक नई दिल्ली में 2020 में हुई थी। इसके बाद दोनों में 1 सितंबर 2021 को वाशिंगटन में आधिकारिक स्तर पर द्विपक्षीय 2+2 अंतर-सत्रीय बैठक हुई जिसमें पिछली वार्ता के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की गई थी।
नतीजा कुछ भी हो, चीन से युद्ध विनाश ही लाएगा : ताइवान
ताइवान के रक्षा मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि चीन के साथ कोई संघर्ष होता है, तो यह सभी पक्षों के लिए विनाशकारी होगा, भले ही परिणाम कुछ भी हो। ताइवान के रक्षा मंत्री चिउ कुओ चेंग ने कहा, किसी को युद्ध नहीं चाहिए, लेकिन इस पर समग्र विचार किया जाना चाहिए। चिउ ने कहा, यदि आप वास्तव में युद्ध चाहते हैं, तो यह सभी के लिए विनाशकारी होगा।